Homeउत्तर प्रदेशयूपी में निवेश की रफ्तार तेज, ₹19 हजार करोड़ के प्रस्ताव-समझौते

यूपी में निवेश की रफ्तार तेज, ₹19 हजार करोड़ के प्रस्ताव-समझौते

रिपोर्ट: न्यूज डेस्क लखनऊ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निवेश, कारोबार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में चल रहे प्रयासों को लगातार नए आंकड़ों से मजबूती मिल रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन के तहत आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 में चार दिनों के भीतर जहां ₹5,500 करोड़ के व्यापारिक समझौते हुए हैं, वहीं सोनभद्र में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) 5.0 के लिए ₹14,612 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हो चुके हैं।

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित यूपीआईटीएस में 28 सितंबर तक कुल 3,765 व्यापारिक समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। इन समझौतों का कुल मूल्य करीब ₹5,500 करोड़ यानी 574 मिलियन अमेरिकी डॉलर बताया गया है। इसके अलावा देश-विदेश के खरीदारों और कंपनियों की ओर से करीब ₹12,500 करोड़ की कारोबारी पूछताछ भी दर्ज की गई है। ट्रेड शो का अंतिम दिन मंगलवार को है, ऐसे में कारोबार से जुड़े आंकड़ों में और बढ़ोतरी की संभावना है।

35,387 बी2बी बैठकें, खरीदारों और उद्यमियों के बीच सीधा संवाद

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (एफआईईओ) के अपर महानिदेशक सुविध शाह के अनुसार, 28 सितंबर तक यूपीआईटीएस में कुल 35,387 बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें संपन्न हुईं। इनमें रिवर्स बायर्स-सेलर्स मीट (आरबीएसएम) के तहत 11,887 बैठकें हुईं, जबकि मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच 23,500 बी2बी बैठकें आयोजित की गईं।

इन बैठकों के जरिए उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं और निर्यातकों को संभावित खरीदारों के साथ सीधे बातचीत करने, अपने उत्पादों की जानकारी देने और व्यापारिक संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर मिला। एमएसएमई, ओडीओपी, हथकरघा, हस्तशिल्प, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े उत्पादों को विशेष रूप से बाजार से जोड़ने पर जोर रहा।

5.48 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा यूपीआईटीएस

यूपीआईटीएस-2026 ने कारोबार के साथ जनभागीदारी के मामले में भी बड़ी संख्या दर्ज की है। 28 सितंबर तक ट्रेड शो में कुल 5,48,881 फुटफॉल दर्ज की गई। इनमें 1,56,523 घरेलू कारोबारी खरीदार और 3,92,358 सामान्य आगंतुक शामिल रहे।

बड़ी संख्या में आम लोगों की मौजूदगी से ट्रेड शो केवल व्यापारिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा। अलग-अलग हॉल में प्रदेश के विभिन्न जिलों के स्थानीय उत्पाद, ओडीओपी सामग्री, हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, कालीन, पीतल, कांच और लकड़ी से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए गए। आगंतुकों को प्रदेश की कला, संस्कृति और पारंपरिक उत्पादों को करीब से देखने का अवसर भी मिला

‘लोकल से ग्लोबल’ विजन को मिल रहा मंच

यूपीआईटीएस के जरिए प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ओडीओपी के तहत तैयार उत्पादों से लेकर आधुनिक विनिर्माण क्षेत्र तक के उद्यमियों को एक ही मंच पर खरीदारों के सामने अपने उत्पाद प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

बड़ी संख्या में घरेलू और विदेशी खरीदारों की मौजूदगी से प्रदेश के छोटे और मध्यम उद्यमों को नए कारोबारी संपर्क बनाने तथा संभावित बाजार तलाशने का अवसर मिला। बी2बी बैठकों और व्यापारिक समझौतों के आंकड़े इस आयोजन के कारोबारी स्वरूप को भी रेखांकित करते हैं।

सोनभद्र में ₹20 हजार करोड़ के लक्ष्य की ओर बढ़ा निवेश

दूसरी ओर, सोनभद्र में भी बड़े औद्योगिक निवेश की दिशा में गतिविधियां तेज हुई हैं। जीबीसी 5.0 के लिए शासन की ओर से जिले को ₹20 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष अब तक 33 परियोजनाओं के लिए ₹14,612 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हो चुके हैं।

जिले को निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अब करीब ₹5,388 करोड़ के अतिरिक्त निवेश प्रस्तावों की जरूरत है। जिला प्रशासन की ओर से शेष लक्ष्य को पूरा करने और प्रस्तावित परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

पनौरा में अदाणी समूह का ₹7,400 करोड़ का प्रोजेक्ट

सोनभद्र की प्रमुख प्रस्तावित परियोजनाओं में अदाणी समूह का ₹7,400 करोड़ का पंप्ड स्टोरेज पावर (पीएसपी) प्लांट शामिल है। यह परियोजना पनौरा में स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है।

इसके अलावा टिहरी हाइड्रो पावर कॉरपोरेशन (टीएचडीसी) की ओर से बसुधारी में करीब ₹6,400 करोड़ के निवेश से परियोजना स्थापित करने के लिए एमओयू किया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में प्रस्तावित इन बड़े निवेशों से सोनभद्र की औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों को विस्तार मिलने की उम्मीद है।

निवेश परियोजनाओं से रोजगार और स्थानीय कारोबार को उम्मीद

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के अनुसार, निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वय किया जा रहा है। परियोजनाओं के क्रियान्वयन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।

बड़े उद्योगों के साथ परिवहन, निर्माण, आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र से जुड़े कारोबार को भी गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। स्थानीय युवाओं, कारोबारियों और छोटे उद्यमियों के लिए सहायक उद्योगों के विस्तार से नए अवसर बनने की संभावना जताई जा रही है।

इस तरह एक ओर ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपीआईटीएस प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और उद्यमियों को देश-दुनिया के बाजार से जोड़ने का मंच बन रहा है, वहीं दूसरी ओर सोनभद्र में बड़े निवेश प्रस्ताव औद्योगिक परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कारोबार, निवेश और औद्योगिक परियोजनाओं से जुड़े ये आंकड़े उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे व्यापारिक और औद्योगिक इकोसिस्टम की तस्वीर पेश करते हैं।

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