ग्रेटर नोएडा, 29 सितंबर। उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर किस तरह युवाओं और नए उद्यमियों को रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण से जोड़ रहा है, इसकी प्रेरक कहानी डेटम एडवांस्ड कंपोजिट्स के सह-संस्थापक एवं उप प्रबंध निदेशक तन्मय तिवारी ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में यूपीडा के विशेष सत्र में साझा की।
यूके में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत लौटे तन्मय तिवारी ने महज एक बीएचके फ्लैट से अपना कारोबार शुरू किया। आज उनकी कंपनी रक्षा क्षेत्र के लिए उन्नत और हल्के कंपोजिट उपकरण तैयार कर रही है। अब कंपनी लखनऊ में एक बड़ी और अत्याधुनिक इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण इकाई स्थापित करने जा रही है।
यूके में पांच साल बिताने के बाद भारत लौटे तन्मय
तन्मय तिवारी ने बताया कि उन्होंने ब्रिटेन में करीब पांच वर्ष बिताए। इसी दौरान उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में स्नातक और परास्नातक की डिग्री पूरी की।
वर्ष 2020 में लखनऊ में आयोजित डिफेंस एक्सपो के दौरान उन्हें भारत के रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण इकोसिस्टम को करीब से समझने का मौका मिला। उन्होंने डिफेंस एक्सपो में पांच दिन बिताए। इसके बाद उन्होंने तय किया कि कंपनी की शुरुआत यूके में नहीं, बल्कि भारत में ही की जाएगी।
वर्ष 2021 में परास्नातक की थीसिस पूरी करने के बाद तन्मय भारत लौटे और उन्होंने डेटम एडवांस्ड कंपोजिट्स की शुरुआत की।
एक बीएचके फ्लैट से शुरू हुआ कारोबार
तन्मय ने बताया कि कंपनी की शुरुआती गतिविधियां एक बीएचके फ्लैट से शुरू हुई थीं। शुरुआत में कंपनी ने नागरिक क्षेत्र पर ध्यान दिया।
कंपनी कृषि ड्रोन, ऑटोमोबाइल और हाई-एंड सुपरबाइक्स में इस्तेमाल होने वाले कार्बन फाइबर और ग्लास फाइबर के कंपोजिट पुर्जे तैयार करती थी।
धीरे-धीरे कंपनी ने रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कदम बढ़ाया। इसके लिए आईआईटी कानपुर से संपर्क किया गया और कंपनी द्वारा तैयार किए गए कंपोजिट नमूनों और टेस्टिंग कूपन को जांच के लिए भेजा गया।
आईआईटी कानपुर की टेस्टिंग से खुला रक्षा क्षेत्र का रास्ता
टेस्टिंग के बाद यह पुष्टि हुई कि कंपनी के उत्पाद रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल के लिए जरूरी मानकों को पूरा करने में सक्षम हैं। इसके बाद कंपनी ने रक्षा क्षेत्र के लिए उत्पादन शुरू किया और अपनी विनिर्माण क्षमता का लगातार विस्तार किया।
तन्मय के मुताबिक, एक छोटे शेड से शुरू हुई कंपनी अब कानपुर में करीब 20 हजार वर्गफुट की फैक्ट्री से संचालित हो रही है। कंपनी में करीब 40 लोगों की टीम काम कर रही है।
कंपनी AS 9100 प्रमाणित भी है। यह एयरोस्पेस और रक्षा उद्योग में गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली से जुड़ा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मानक है। कंपनी का यह प्रमाणन ब्यूरो वेरिटास द्वारा किया गया है।
अब लखनऊ में बनेगी 70-80 हजार वर्गफुट की इकाई
तन्मय तिवारी ने बताया कि कंपनी अब भारतीय रक्षा इकोसिस्टम के साथ-साथ उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में काम कर रही अन्य कंपनियों को भी अपने उत्पादों की आपूर्ति कर रही है।
कंपनी विमान के ढांचे के निर्माण और हल्के आयुध से जुड़े प्रोजेक्ट में भी योगदान दे रही है।
अब कंपनी लखनऊ नोड स्थित उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में एक नई अत्याधुनिक इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण सुविधा स्थापित करने जा रही है। इस नई इकाई का निर्मित क्षेत्र करीब 70 से 80 हजार वर्गफुट होगा।
यह कंपनी की मौजूदा कानपुर सुविधा से लगभग चार गुना बड़ा होगा।
200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार की उम्मीद
नई विनिर्माण इकाई के शुरू होने के बाद करीब 200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। वहीं लगभग 1,500 लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।
तन्मय के मुताबिक, यह विस्तार कंपनी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण इकोसिस्टम के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।
निवेश पर 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी
तन्मय तिवारी ने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में मिलने वाले प्रोत्साहनों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि नई इकाई में किए जाने वाले पूंजी निवेश पर 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा विदेश से आयात किए जाने वाले उपकरणों पर परिवहन संबंधी सब्सिडी और पेटेंट व ट्रेडमार्क के लिए प्रतिपूर्ति जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि इन नीतिगत प्रोत्साहनों और सरकार के सहयोग से युवा उद्यमियों के लिए रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में प्रवेश और विस्तार के नए अवसर तैयार हुए हैं।
‘युवा प्रतिभा और तकनीक से बदल रहा इकोसिस्टम’
तन्मय तिवारी ने कहा कि एक छोटे से बीएचके फ्लैट से शुरू हुई कंपनी का आज हजारों वर्गफुट की अत्याधुनिक रक्षा विनिर्माण इकाई की ओर बढ़ना इस बात का उदाहरण है कि नई तकनीक, युवा प्रतिभा और सरकारी सहयोग के साथ उत्तर प्रदेश में रक्षा विनिर्माण का नया इकोसिस्टम आकार ले रहा है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से मिले सहयोग के लिए प्रदेश सरकार और संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। तन्मय ने कहा कि उन्हें इस इकोसिस्टम का हिस्सा होने पर गर्व है।
