Homeउत्तर प्रदेश13 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति लागू न होने से आशा कार्यकर्त्रियों...

13 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति लागू न होने से आशा कार्यकर्त्रियों का प्रदर्शन

एरवा कटरा। 13 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार और आशा कार्यकर्ता यूनियन के बीच बनी सहमति लागू न होने से नाराज आशा कार्यकर्त्रियों ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एरवा कटरा परिसर में प्रदर्शन किया। ब्लॉक अध्यक्ष विनीता और सचिव ममता शुक्ला के नेतृत्व में कार्यकर्त्रियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इसके बाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. मोहित कुमार को ज्ञापन सौंपकर मांगों पर जल्द कार्रवाई किए जाने की मांग की।

आशा कार्यकर्त्रियों ने बताया कि 7 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री और यूनियन पदाधिकारियों के बीच 13 सूत्रीय मांगों को लेकर सहमति बनी थी। इसमें आशा कार्यकर्त्रियों के आधारभूत भुगतान में राज्यांश को 1500 रुपये से बढ़ाकर 7500 रुपये किए जाने, मातृत्व अवकाश, जीवन बीमा राशि में बढ़ोतरी और वर्षों से लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान किए जाने समेत कई मांगें शामिल थीं।

समझौते के बाद भी आदेश जारी नहीं होने का आरोप

प्रदर्शनकारी कार्यकर्त्रियों का आरोप है कि समझौते को हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन शासन स्तर से मांगों को लागू करने के संबंध में अब तक कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। इससे आशा कार्यकर्त्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

कार्यकर्त्रियों ने कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और अभियानों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें अपने काम के एवज में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि और अन्य भुगतान समय पर नहीं मिल पा रहे हैं।

लंबित भुगतान और प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की मांग

सीएचसी अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में 13 सूत्रीय समझौते को तत्काल लागू करने की मांग की गई। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने की भी मांग उठाई गई।

आशा कार्यकर्त्रियों ने पोलियो, फाइलेरिया और दस्तक अभियान की प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की। इसके अलावा टीकाकरण, कुष्ठ रोग और परिवार नियोजन सहित पुराने कार्यों की बकाया राशि का भुगतान किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

बीमा और अन्य सुविधाओं की भी उठाई मांग

प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्त्रियों ने अपने लिए पांच लाख रुपये का चिकित्सा बीमा और 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा लागू किए जाने की मांग रखी। इसके साथ ही आंदोलन के दौरान हुई कथित उत्पीड़नात्मक कार्रवाई को निरस्त करने तथा भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने की मांग भी की गई।

कार्यकर्त्रियों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और सहमति बनने के बावजूद यदि उन्हें लागू नहीं किया जाता है तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

आशा कार्यकर्त्रियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन पर 64 आशा कार्यकर्त्रियों के हस्ताक्षर बताए गए हैं। प्रदर्शन के दौरान करीब एक सैकड़ा आशा कार्यकर्त्रियां और आशा संगिनी मौजूद रहीं।

इस दौरान गीता देवी, कमला, आरती देवी, उषा रानी, सुनीता देवी, मिथलेश, मीना देवी, शिल्पी, प्रीती और रेखा रानी समेत बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्त्रियां मौजूद रहीं।

RELATED ARTICLES

Most Popular