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लखनऊ विश्वविद्यालय के कैलाश हॉस्टल की मेस में खाने की गुणवत्ता पर बवाल, छात्राओं ने किया प्रदर्शन

रिपोर्ट – प्रिया बाजपेयी शुक्ला

लखनऊ विश्वविद्यालय के कैलाश हॉस्टल की मेस में खाने की गुणवत्ता को लेकर बुधवार देर रात छात्राओं का आक्रोश सामने आया। मेस के भोजन में कीड़े मिलने की शिकायत के बाद बड़ी संख्या में छात्राएं कुलपति कार्यालय पहुंचीं। कुलपति और कुलसचिव के मौके पर मौजूद नहीं होने से नाराज छात्राओं ने कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। छात्राओं का प्रदर्शन देर रात करीब 1:30 बजे तक चलता रहा।

छात्राओं ने आरोप लगाया कि पिछले करीब एक महीने से मेस के भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि खाने में कीड़े, बाल और अन्य गंदगी मिलने की शिकायत कई बार की जा चुकी है। छात्राओं ने यह भी दावा किया कि भोजन में बिच्छू और चूहे की बीट मिलने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

छात्राओं का आरोप है कि मेस संचालक और विश्वविद्यालय प्रशासन से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसी को लेकर छात्राएं देर रात विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने लगीं।

तीन छात्राओं के बेहोश होने के बाद मेस बंद करने का आदेश

प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति और गंभीर हो गई, जब तीन छात्राओं के बेहोश होने की बात सामने आई। इसके बाद चीफ प्रोवोस्ट प्रो. आशीष अवस्थी ने कैलाश हॉस्टल की मेस बंद करने का आदेश जारी किया।

छात्राओं का कहना था कि खाने की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठाए जा चुके हैं। उनका आरोप है कि कुछ समय के लिए व्यवस्था में सुधार होता है, लेकिन बाद में स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।

कुलपति आवास की ओर बढ़ीं छात्राएं, गेट पर मिला ताला

देर रात तक कुलपति के मौके पर नहीं पहुंचने से नाराज छात्राएं कुलपति आवास की ओर बढ़ीं। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें रोकने के लिए विश्वविद्यालय के गेट नंबर तीन पर ताला लगा दिया गया था। इसके बाद छात्राएं गेट नंबर चार की ओर पहुंचीं, लेकिन वहां भी ताला मिला।

छात्राओं ने आरोप लगाया कि वे देर रात तक विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन करती रहीं, लेकिन उनकी शिकायत सुनने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। रात करीब 12 बजे तक 70 से अधिक छात्राओं के प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही गई।

‘एक कचौड़ी दो समोसा, मेस वालों पर नहीं भरोसा’ के लगाए नारे

प्रदर्शन के दौरान कैलाश हॉस्टल की प्रोवोस्ट डॉ. बबिता भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि मेस के भोजन की गुणवत्ता में कुछ दिनों तक सुधार रहता है, लेकिन इसके बाद फिर शिकायतें आने लगती हैं। उन्होंने बताया कि मेस संचालक से कई बार शिकायत की गई है, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।

इसी दौरान छात्राओं ने मेस व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान ‘एक कचौड़ी दो समोसा, मेस वालों पर नहीं भरोसा’ जैसे व्यंग्यात्मक नारे भी लगाए गए।

मौके पर पहुंचे विश्वविद्यालय के अधिकारी और छात्र नेता

प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद चीफ प्रोवोस्ट प्रो. आशीष अवस्थी, प्रोवोस्ट ओपी शुक्ला समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं एनएसयूआई के छात्र नेता प्रिंस प्रकाश और सपा लोहिया वाहिनी के अभिषेक श्रीवास्तव समेत अन्य लोग भी प्रदर्शन के दौरान मौजूद रहे।

छात्राओं का कहना है कि कुलपति द्वारा पूर्व में हॉस्टल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए जाने के बावजूद मेस के भोजन की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मेस की व्यवस्था की जांच कराने और खाने की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है।

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