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लखनऊ में जल निगम पेंशनर्स का प्रदर्शन, 6 साल से पेंशन नहीं मिलने का आरोप

रिपोर्ट – प्रिया बाजपेई शुक्ला 

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित जल निगम मुख्यालय के गेट पर आज  पेंशन और आश्रित नियुक्ति की मांग को लेकर जल निगम के पेंशनर्स और कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया । उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय-ग्रामीण फील्ड वर्कर्स पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले चल रहे प्रदर्शन में कर्मचारियों ने विभाग पर पेंशन भुगतान में देरी का आरोप लगाया।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक करीब एक हजार कर्मचारियों को वर्ष 2020 से पेंशन नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि बजट का हवाला देकर पिछले करीब छह वर्षों से पेंशन का भुगतान नहीं किया गया। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

पेंशन के अभाव में इलाज और पढ़ाई प्रभावित

पेंशनर्स का कहना है कि नियमित पेंशन नहीं मिलने के कारण कई परिवारों में इलाज और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कुछ परिवारों के सामने शादी-ब्याह और दूसरे जरूरी खर्चों को पूरा करने की भी परेशानी खड़ी हो गई है।

धरने में शामिल एक सेवानिवृत्त कर्मचारी ने बताया कि उन्होंने करीब 35 साल तक जल निगम में सेवा की। परिवार में दिव्यांग बेटी है, जिसका इलाज पेंशन से होने वाली आय पर निर्भर था। पिछले कई वर्षों से पेंशन नहीं मिलने के कारण बेटी के साथ परिवार के अन्य सदस्यों का इलाज भी प्रभावित हो रहा है। जरूरत पड़ने पर कर्ज लेकर इलाज कराना पड़ रहा है।

 

कोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने का आरोप

संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पेंशन से जुड़े मामले में अदालत के आदेश के बावजूद विभाग की ओर से भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि पहले सिंगल बेंच से राहत मिली और बाद में डबल बेंच ने भी पेंशन जारी करने का आदेश दिया, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

पेंशनर्स का दावा है कि विभाग अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अदालत के आदेश का पालन करते हुए लंबित पेंशन का भुगतान जल्द कराया जाए।

आश्रित नियुक्ति की मांग भी उठी

पेंशन के साथ ही मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने की मांग भी प्रदर्शन में प्रमुख रही। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले पांच से छह वर्षों में आश्रित नियुक्ति नहीं होने से ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवार आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं।

एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि उसके पिता ने जल निगम में करीब 35 साल सेवा की थी और ड्यूटी के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। पिता की मृत्यु के कई साल बाद भी परिवार को आश्रित नियुक्ति नहीं मिली और उनकी मां की पेंशन भी शुरू नहीं हुई। परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

आंदोलनकारियों ने कहा कि लंबे समय तक विभाग में सेवा देने के बाद अब उन्हें अपनी पेंशन के लिए कार्यालय के गेट पर धरना देना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि लंबित पेंशन और आश्रित नियुक्ति की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 21 अक्टूबर को लखनऊ में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और विभाग से लंबित पेंशन का भुगतान कराने तथा आश्रित नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।

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