Homeउत्तर प्रदेशलखनऊ में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू, 31 अक्टूबर तक चलेगा

लखनऊ में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू, 31 अक्टूबर तक चलेगा

रिपोर्ट – प्रिया बाजपेई शुक्ला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का गुरुवार को आगाज हुआ। लोहिया संस्थान में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि अभियान के जरिए जापानी इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया और काला ज्वर जैसी बीमारियों पर नियंत्रण में मदद मिली है। इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों में भी काफी कमी आई है।

यह अभियान प्रदेश के सभी 75 जिलों में 31 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य संचारी रोगों की रोकथाम, बचाव और समय पर उपचार को लेकर लोगों को जागरूक करना है। 12 अक्टूबर से दस्तक अभियान शुरू होगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों को जागरूक करेंगी और बीमारी से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाएंगी।

2017 से चल रहा है अभियान

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इन बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई।

उन्होंने बताया कि पहले मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम को नगर विकास, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे विभागों से जुड़े काम के तौर पर देखा जाता था। अब स्वास्थ्य विभाग नोडल एजेंसी के रूप में अन्य विभागों के साथ मिलकर अभियान चला रहा है। कुल 13 विभाग मिलकर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं।

पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस पर फोकस

ब्रजेश पाठक ने कहा कि पूर्वांचल, खासकर गोरखपुर और आसपास के जिलों में इंसेफेलाइटिस लंबे समय तक गंभीर समस्या रही है। अभियान के तहत लगातार किए गए प्रयासों से जापानी इंसेफेलाइटिस के मामलों और उससे होने वाली मौतों में कमी आई है।

उन्होंने कहा कि मलेरिया, डेंगू और काला ज्वर जैसी बीमारियों पर नियंत्रण के लिए भी लगातार काम किया जा रहा है।

12 अक्टूबर से घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम

डिप्टी सीएम ने कहा कि अभी अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है। 12 अक्टूबर से दस्तक अभियान शुरू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाएंगी। लोगों को बीमारियों से बचाव के तरीके बताए जाएंगे और संभावित मामलों की जानकारी जुटाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता केवल स्वास्थ्य विभाग या 13 विभागों के प्रयास से संभव नहीं है। इसमें आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। घर और आसपास की साफ-सफाई रखने से कई मच्छर जनित बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।

घर के आसपास पानी जमा न होने दें

ब्रजेश पाठक ने लोगों से अपील की कि घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। पुराने टायर, टूटे बर्तन, खिलौने, कूलर और ऐसी दूसरी जगहों की नियमित जांच करें, जहां पानी जमा हो सकता है।

उन्होंने कहा कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है और दिन में काटता है। ऐसे में घर के आसपास सफाई रखना और मच्छरों के प्रजनन की जगहों को खत्म करना बेहद जरूरी है।

डिप्टी सीएम ने युवाओं और बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संतुलित खान-पान, नियमित व्यायाम और साफ-सफाई की आदतों पर ध्यान देना चाहिए। बच्चों में बचपन से ही स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतें विकसित करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ दवाओं और वैक्सीन पर निर्भर रहने के बजाय लोगों को बीमारी से बचाव के लिए खुद भी सावधानी बरतनी होगी। यदि घर और आसपास का वातावरण साफ रखा जाए और मच्छरों के पनपने की जगहों को खत्म किया जाए तो डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों पर नियंत्रण में मदद मिल सकती है।

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