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गांधी जयंती पर आगरा में गोडसे के तर्पण का ऐलान, होर्डिंग्स को लेकर विवाद

रिपोर्ट – ममता भारद्वाज, आगरा

आगरा में 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन नाथूराम गोडसे के श्राद्ध और तर्पण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से यमुना किनारे बेलनगंज स्थित आरती स्थल पर गोडसे के तर्पण कार्यक्रम का ऐलान किया गया है। कार्यक्रम के लिए शहर के कुछ हिस्सों में गोडसे की तस्वीर वाले होर्डिंग और बैनर लगाए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है।

आयोजकों के मुताबिक, यह कार्यक्रम पितृपक्ष की परंपरा के तहत किया जा रहा है। संगठन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान ने कहा है कि गोडसे का श्राद्ध और तर्पण इसी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। कार्यक्रम में मथुरा-वृंदावन से साधु-संतों के शामिल होने और प्रसाद वितरण की तैयारी की गई है।

यमुना किनारे होगा कार्यक्रम

स्थानीय कार्यक्रम सूची के मुताबिक, गोडसे तर्पण और साधु-संत भंडारे का आयोजन 2 अक्टूबर को सुबह 11 बजे बेलनगंज स्थित यमुना आरती स्थल पर प्रस्तावित है। प्रसाद के रूप में मालपुआ, दही और अन्य सामग्री वितरित किए जाने की बात कही गई है।

होर्डिंग्स को लेकर भी विवाद

गांधी जयंती से पहले आगरा के एमजी रोड, यमुना किनारे और बल्केश्वर क्षेत्र में गोडसे की तस्वीर वाले होर्डिंग और बैनर लगाए जाने की खबर सामने आई। इन पोस्टरों को लेकर गांधीवादी संगठनों और कुछ नागरिकों की ओर से आपत्ति जताए जाने की बात भी सामने आई है।

विवाद के बीच प्रशासन की ओर से कुछ होर्डिंग हटाए जाने और कार्यक्रम स्थल समेत प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किए जाने की रिपोर्ट है। पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताई गई है।

गांधी जयंती के दिन आयोजन पर उठे सवाल

2 अक्टूबर को देशभर में महात्मा गांधी की जयंती मनाई जाती है। ऐसे में उसी दिन गोडसे के तर्पण कार्यक्रम के ऐलान ने आगरा में गांधी और गोडसे को लेकर एक नई सार्वजनिक बहस को जन्म दिया है।

आयोजकों का कहना है कि यह पितृपक्ष से जुड़ी धार्मिक परंपरा के तहत किया जा रहा आयोजन है, जबकि विरोध करने वाले इसे गांधी जयंती के दिन गोडसे को सम्मान देने के प्रयास के रूप में देख रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन की निगरानी बनी हुई है।

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