रिपोर्ट – दीपक अवस्थी
औरैया। स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 के तहत शुक्रवार को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं और GPDP रिफॉर्म उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत विकसित भारत” रही। इस दौरान ग्रामीणों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए जागरूक किया गया

विशेष ग्राम सभाओं में SWM Rules, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हुई। इसके साथ ही ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, गांवों में स्वच्छता व्यवस्था और इसमें पंचायतों, संस्थाओं तथा आम नागरिकों की भूमिका पर भी मंथन किया गया। ग्राम पंचायतों में मौजूदा स्वच्छता व्यवस्था का आकलन करते हुए गांवों को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा की गई।

‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत हुआ पौधरोपण
अभियान के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के अंतर्गत पौधरोपण किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को पौधों की नियमित देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
तीन ग्राम पंचायतों में जल अर्पण दिवस
विकासखंड औरैया की ग्राम पंचायत बवाइन, अस्ता और रामपुर राम सहाय में जल अर्पण दिवस समारोह का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत बवाइन में सदर विधायक गुड़िया कठेरिया, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों ने स्वच्छता अभियान में श्रमदान किया।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए सामूहिक रूप से आगे आने की अपील की।
बूढ़ादाना में डीएम ने लिया हिस्सा
विकासखंड भाग्यनगर की ग्राम पंचायत बूढ़ादाना में आयोजित ग्राम सभा में जिलाधिकारी बृजेश कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन और ग्राम विकास से जुड़ी गतिविधियों में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
गांधी और शास्त्री जयंती पर भी हुए कार्यक्रम
जिला मुख्यालय, क्षेत्र पंचायत कार्यालयों और ग्राम पंचायतों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में स्वच्छता, सादगी, सेवा और राष्ट्र निर्माण के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया गया।
अभियान के जरिए जिले में स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया गया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पंचायत कर्मियों और ग्रामीणों की सहभागिता के जरिए स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित गांवों के निर्माण का संदेश दिया गया।
