लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जातिवार जनगणना और आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी की मांग को लेकर कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग विभाग ने सोमवार को लखनऊ में प्रदर्शन किया। ओबीसी कांग्रेस के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जनभवन की ओर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की में ओबीसी कांग्रेस के अध्यक्ष मनोज यादव गिर गए। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी की मांग
कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग विभाग का कहना है कि जातिवार जनगणना के जरिए ओबीसी की वास्तविक आबादी का आंकड़ा सामने आना जरूरी है। संगठन का तर्क है कि आबादी की स्पष्ट जानकारी होने के बाद ही आरक्षण, सरकारी नौकरियों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी संसाधनों में जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी से जुड़े मुद्दों पर ठोस नीति बनाई जा सकेगी।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ओबीसी वर्ग को उसकी आबादी के अनुपात में अधिकार और प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। इसी मांग को लेकर पार्टी की ओर से सरकार पर दबाव बनाने के लिए प्रदर्शन किया गया।
जनगणना में जातियों की ड्रॉपडाउन सूची की मांग
ओबीसी कांग्रेस के अध्यक्ष मनोज यादव ने मांग की कि जनगणना-2027 में ओबीसी की जातिवार गिनती की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान प्रगणकों को जातियों की स्पष्ट ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
संगठन का कहना है कि अलग-अलग नाम या वर्तनी के कारण जातियों के आंकड़ों में किसी तरह की विसंगति न हो, इसके लिए पहले से स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था जरूरी है।
खड़गे और राहुल गांधी के पत्र का भी दिया हवाला
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जातिगत जनगणना की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिख चुके हैं। कांग्रेस के मुताबिक, इन मांगों को लेकर अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
ओबीसी कांग्रेस ने संकेत दिया कि जातिवार जनगणना, जातियों की स्पष्ट सूची और संबंधित मांगों को लेकर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। संगठन का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की जाती रहेगी।
