लखनऊ, 6 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, स्टार्टअप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में हो रहे बदलावों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सामने रखा। मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद प्रदेश में हुए तकनीकी और औद्योगिक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल तकनीक का बाजार नहीं, बल्कि उसके निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
पूर्ववर्ती सरकारों पर सीएम योगी का निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की क्षमता का पहले पूरी तरह इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि जब चिंता प्रदेश से ज्यादा परिवार और निवेशक से ज्यादा अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए अनुकूल वातावरण कैसे तैयार होगा।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़ने का काम किया है।
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मोबाइल से मॉड्यूल और माइक्रोचिप तक पहुंची विकास यात्रा
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है। उन्होंने बताया कि देश में बनने वाले करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है।
जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की लागत से HCL-Foxconn की चिप इकाई का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा प्रदेश में 644 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर के प्रस्ताव भी सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न हैं।
उन्होंने इस बदलाव को ‘मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप’ तक पहुंचती विकास यात्रा बताया।
परिवारवाद और माफियाकरण पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय घोषणाएं तो होती थीं, लेकिन परियोजनाओं को जमीन पर उतारना चुनौती बना रहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में परिवारवाद को विकास और माफियाकरण को औद्योगिकीकरण के मॉडल के तौर पर बढ़ावा मिला।
सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्राथमिकताएं बदली हैं। परिवार के विकास की जगह प्रदेश के विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक के संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह तकनीक को प्राथमिकता दी गई है।
डेटा सेंटर से एआई सिटी तक बढ़ रहा यूपी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में विस्तार के साथ डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ी है और अब उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से आगे बढ़कर एआई सिटी जैसी भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि तकनीकी ढांचे के विस्तार के साथ युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं।
10 लाख युवाओं को एआई से जोड़ने का लक्ष्य
सीएम योगी ने बताया कि ‘एआई-प्रज्ञा’ के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर उन्होंने कहा कि इससे युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार हुआ करता था, लेकिन अब वह तकनीक का निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, असेंबली से एआई तक की यह यात्रा केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि युवाओं के रोजगार, उद्यम और आर्थिक अवसरों से भी जुड़ी है।
HCL Tech के कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि मंगलवार को लखनऊ में HCL Tech की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वह शामिल होंगे। इस दौरान HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का भी शुभारंभ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इसे ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि तकनीकी विकास और युवाओं की नई क्षमता के साथ उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा नए चरण में प्रवेश कर रही है।
