रिपोर्ट – प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी (AAP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया।
पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विरोध जताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई। इस प्रदर्शन का ऐलान आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने किया था।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
प्रदर्शन से पहले संजय सिंह ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी को अपनी लोकप्रियता पर भरोसा है, तो उसे बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर भी सहमत होना चाहिए।
संजय सिंह ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
SIR और मतदाता सूची को लेकर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में लोगों के मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की।
संजय सिंह ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ये आरोप आम आदमी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं से लखनऊ पहुंचने की अपील
आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ताओं को लखनऊ पहुंचने की अपील की थी। पार्टी का उद्देश्य SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को उठाना है।
फिलहाल प्रदर्शन में शामिल लोगों की कुल संख्या, पुलिस की कार्रवाई और कार्यक्रम के अंतिम परिणाम के बारे में पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद खबर को अपडेट किया जा सकता है
