रिपोर्ट: दीपक अवस्थी
औरैया। यूपीआई से होने वाले लेन-देन पर प्रस्तावित एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) व्यवस्था के विरोध में शनिवार को औरैया सदर तहसील परिसर में व्यापारियों ने धरना-प्रदर्शन किया।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (रजिस्टर्ड) के जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेई उर्फ बबलू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने प्रस्तावित व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए इसे लागू न करने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन सदर तहसीलदार शंभूशरण पाण्डेय को सौंपा। ज्ञापन के जरिए व्यापारियों ने यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने की आशंका जताते हुए सरकार से इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की।
व्यापारियों का कहना था कि यूपीआई ने डिजिटल भुगतान को आसान बनाया है। छोटे दुकानदारों से लेकर मध्यम स्तर के कारोबारियों तक, बड़ी संख्या में व्यापारी इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में यूपीआई लेन-देन पर एमडीआर शुल्क लागू होने से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। इसका असर छोटे कारोबारियों के मुनाफे पर पड़ने की आशंका भी जताई गई।
जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेई उर्फ बबलू ने कहा कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को प्रस्तावित व्यवस्था पर विचार करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े और ग्राहकों को भी सहूलियत मिलती रहे।
धरना-प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने ‘व्यापारी एकता जिंदाबाद’ और ‘व्यापार मंडल जिंदाबाद’ के नारे लगाए। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि डिजिटल भुगतान व्यवस्था व्यापारियों और ग्राहकों दोनों के लिए सुविधा जनक बनी रहे।
