रिपोर्ट – प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के कमता स्थित अवध बस स्टेशन पर मंगलवार को रोडवेज चालक-परिचालकों के विरोध प्रदर्शन के कारण बसों का संचालन प्रभावित हुआ।
इससे यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारी निजी वाहनों के संचालन, आय की बाध्यता और वेतन से कटौती के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मांगों का समाधान नहीं होने पर 16 अक्टूबर को फिर धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
कर्मचारियों का आरोप है कि अवध बस स्टेशन के मुख्य द्वार के सामने डायवर्जन होने के कारण परिवहन निगम की बसें यात्रियों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। उनका कहना है कि जिन स्थानों पर रोडवेज बसों को सवारी लेने के लिए पहुंचना चाहिए, वहां निजी बसें और आर्टिका जैसी गाड़ियां यात्रियों को ले जा रही हैं। इससे निगम की आय के साथ चालक-परिचालकों की कमाई भी प्रभावित हो रही है।
50 प्रतिशत आय की बाध्यता खत्म करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि निर्धारित आय का लक्ष्य पूरा नहीं होने पर उनके वेतन से कटौती की जाती है। वे इस व्यवस्था को रोकने और 50 प्रतिशत आय की बाध्यता समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने अवैध रूप से संचालित वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
विरोध के चलते बसों का संचालन प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी हुई। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को मामले की जानकारी होने के बावजूद उनकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं किया गया है।
वार्ता विफल होने के बाद आंदोलन जारी रखने का फैसला
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश की अवध डिपो शाखा के अध्यक्ष सुरेश कुमार वर्मा और मंत्री कान्तेश कुमार शर्मा के अनुसार, कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और कथित उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों के संबंध में 7 अक्टूबर को नोटिस जारी किया गया था।
इसके बाद 9 अक्टूबर को प्रबंधन के साथ वार्ता हुई, लेकिन कोई निर्णायक समाधान नहीं निकला। 12 अक्टूबर को हुई दूसरी वार्ता में भी समस्याओं के समाधान और पहले बनी सहमतियों के अनुपालन को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिला।
परिषद ने घोषणा की है कि पूर्व निर्धारित आंदोलन जारी रहेगा। इसके तहत 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। परिषद पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आंदोलन से पहले या उसके दौरान किसी कर्मचारी के खिलाफ उत्पीड़नात्मक अथवा दमनात्मक कार्रवाई की गई तो उसका विरोध किया जाएगा।
परिषद ने निगम प्रशासन से कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का जल्द और न्यायसंगत समाधान करने तथा वार्ता में बनी सहमतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है। अब यात्रियों को राहत देने और बस संचालन सामान्य करने के लिए निगम प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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