लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को लेकर राजभर ने सपा की 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली जीत का हवाला देते हुए पूछा कि अगर चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी थी, तो सपा के 37 सांसद चुनाव जीतकर संसद कैसे पहुंचे?
राजभर ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा को 2017 के विधानसभा चुनाव, 2019 के लोकसभा चुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की। ऐसे में सवाल उठता है कि हार वाले चुनाव गलत और जीत वाला चुनाव सही कैसे हो सकता है?
सुभासपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र में 2014 से भाजपा की सरकार है। इसके बावजूद सपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में बड़ी सफलता मिली। राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पार्टी को जीत मिली, तब चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाए गए, लेकिन हार की आशंका के बीच अब चुनाव व्यवस्था को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सपा के 37 विजयी सांसदों में पांच अखिलेश यादव के परिवार से थे।

‘एसी, पीसी और ट्विटर ने बहका दिया’
ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि या तो 2024 के चुनाव में सपा के वोटर फर्जी थे या फिर अब अफवाहबाजी की जा रही है। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि एसी, पीसी और ट्विटर ने अखिलेश यादव को बहका दिया है।
‘टायर ही नहीं, सपा की साइकिल का रिम और फ्रेम भी टेढ़ा होगा’
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजभर ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि इस बार पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सपा के चुनाव चिह्न साइकिल पर तंज कसते हुए कहा कि इस बार सिर्फ टायर ही नहीं, बल्कि साइकिल का रिम और फ्रेम भी टेढ़ा होने वाला है।
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव संभावित हार को देखते हुए अभी से बहाने तलाश रहे हैं, ताकि चुनाव परिणाम आने के बाद समर्थकों को जवाब न देना पड़े। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, ‘कुछ आंसू बचाके रखिए। सत्ताइस में सपा साफ है अखिलेश जी।’
राजभर के इस बयान के बाद 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने के संकेत हैं।
