लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे बॉन्डेड एमबीबीएस डॉक्टरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डॉक्टरों की मांगों पर अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है, वहीं दूसरी ओर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हजरतगंज पुलिस ने 14 अक्टूबर को गांधी प्रतिमा के सामने हुए प्रदर्शन के मामले में 70 से 80 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक शांति भंग की, अवैध रूप से भीड़ जुटाई और सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाई।
मुंह पर टेप लगाकर किया था प्रदर्शन
बॉन्डेड एमबीबीएस डॉक्टर समान वेतन और मानदेय में विसंगतियां दूर करने की मांग को लेकर कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में 14 अक्टूबर को डॉक्टरों ने गांधी प्रतिमा के सामने अनोखे अंदाज में विरोध जताया था। प्रदर्शनकारी मुंह पर टेप लगाकर पहुंचे और पुलिस के सामने हाथ जोड़कर अपनी मांगें रखीं। कुछ डॉक्टर सड़क पर लेटकर विरोध जताने लगे।
प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने 1090 चौराहे से चेन बनाकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद मौके पर काफी देर तक विरोध-प्रदर्शन चलता रहा।
एसीपी ने हाथ जोड़कर धरना समाप्त करने की अपील की
प्रदर्शन के दौरान एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा भी मौके पर पहुंचे। डॉक्टरों को सड़क पर बैठा देखकर वह भी जमीन पर बैठ गए और हाथ जोड़कर उनसे धरना समाप्त करने की अपील की। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और समान वेतन सहित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग उठाते रहे।
मांगों पर फैसले का इंतजार
बॉन्डेड डॉक्टरों का कहना है कि वे समान वेतन और मानदेय संबंधी विसंगतियों को दूर कराने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। वहीं, प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने 70 से 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। ऐसे में डॉक्टरों के आंदोलन के बीच अब कानूनी कार्रवाई का मामला भी जुड़ गया है। उनकी मांगों पर सरकार की ओर से निर्णय और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
