Homeउत्तर प्रदेशविद्यांजलि, नशामुक्त विद्यालय और प्रशस्त 2.0 से शिक्षा व्यवस्था सुधारने की तैयारी

विद्यांजलि, नशामुक्त विद्यालय और प्रशस्त 2.0 से शिक्षा व्यवस्था सुधारने की तैयारी

लखनऊ, 18 अक्टूबर।उत्तर प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा को बेहतर बनाने, विद्यार्थियों को अनुकूल शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

इसके लिए 22 अक्टूबर को लखनऊ में राज्यस्तरीय अभिमुखीकरण एवं समीक्षा कार्यशाला आयोजित होगी। इसमें विद्यांजलि, नशामुक्त विद्यालय अभियान और प्रशस्त 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विद्यालयों में शिक्षा के साथ संस्कार, जनसहभागिता और प्रत्येक बच्चे की जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। प्रस्तावित कार्यशाला में राज्य और जनपद स्तर पर चल रही गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा के साथ योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदमों पर विचार-विमर्श होगा।

 विद्यांजलि से विद्यालय विकास में बढ़ेगी जनभागीदारी

कार्यशाला में विद्यांजलि पोर्टल पर विद्यालयों के पंजीकरण, कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत संगठनों की भागीदारी और ‘एडॉप्ट ए स्कूल’ मॉड्यूल की समीक्षा की जाएगी।

इसके माध्यम से विद्यालयों के विकास में विभिन्न संस्थाओं और हितधारकों की सहभागिता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा होगी। अधिकारियों से राज्य और जनपद स्तर पर अपेक्षित सहयोग तथा आगे की कार्ययोजना से संबंधित जानकारी पर भी विचार किया जाएगा।

नशामुक्त विद्यालय अभियान की प्रगति पर नजर

नशामुक्त विद्यालय कार्यक्रम के तहत पोर्टल पर पंजीकरण, स्व-घोषणा और स्व-मूल्यांकन की स्थिति की समीक्षा होगी। इसके अलावा पोर्टल की कार्यप्रणाली और उपलब्ध सुविधाओं पर भी चर्चा की जाएगी।

इसका उद्देश्य विद्यालयों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नशामुक्त वातावरण से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी तरीके से संचालित करना है।

 प्रशस्त 2.0 से समावेशी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

कार्यशाला में प्रशस्त 2.0 एप का प्रदर्शन किया जाएगा। समग्र शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा से संबंधित जनपदवार गतिविधियों, शिक्षकों के पोर्टल से जुड़ने और ट्यूटोरियल में सहभागिता की स्थिति की समीक्षा भी होगी। इससे समावेशी शिक्षा के क्रियान्वयन में सामने आने वाली चुनौतियों को समझने और जरूरी सहयोग की पहचान करने में मदद मिलेगी।

 अधिकारियों को दिए गए निर्देश

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा मोनिका रानी की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सूचनाओं के साथ कार्यशाला में शामिल होने के लिए कहा गया है। बैठक में विभागीय समन्वय मजबूत करने, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष जोर रहेगा।

 

 

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