लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में सोमवार और मंगलवार को स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में बदलाव किया गया है। अगले दो दिनों तक कई अस्पतालों में ओपीडी हॉफ डे चलेगी, जबकि कुछ चिकित्सा संस्थानों में नए मरीजों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। हालांकि, मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। गंभीर स्थिति में मरीजों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्थाएं की हैं।
इस दौरान संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI), डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU), बलरामपुर अस्पताल, सिविल अस्पताल और लोकबंधु अस्पताल में ओपीडी और अन्य सेवाओं का संचालन निर्धारित व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा। अस्पताल पहुंचने से पहले मरीजों को संबंधित संस्थान की ओपीडी व्यवस्था की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।
SGPGI में पहले से निर्धारित मरीजों को ही मिलेगी ओपीडी सुविधा
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में ओपीडी के तहत केवल उन्हीं मरीजों को देखा जाएगा, जिन्हें पहले से आज की तारीख का अपॉइंटमेंट दिया गया है। नए मरीजों को ओपीडी में देखने की व्यवस्था नहीं रहेगी। इसके अलावा पहले से निर्धारित जांच और ऑपरेशन किए जाएंगे।
संस्थान में इमरजेंसी सेवाएं और 24 घंटे संचालित होने वाली प्रयोगशालाएं चालू रहेंगी। हालांकि, ओपीडी में नमूने नहीं लिए जाएंगे। प्रशासनिक भवन और ब्लॉक भी बंद रहेंगे। ऐसे में मरीजों को जांच, परामर्श और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए पहले से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
लोहिया संस्थान में नए मरीजों का रजिस्ट्रेशन बंद
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भी नए मरीजों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। यहां पहले से पंजीकृत और फॉलोअप के लिए आने वाले मरीजों को डॉक्टर परामर्श देंगे। इसके अलावा पूर्व निर्धारित ऑपरेशन भी किए जाएंगे।
संस्थान के प्रवक्ता डॉ. भुवन चंद तिवारी ने बताया कि मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं जारी रहेंगी। वहीं, इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
KGMU में सामान्य दिनों की तरह चलेगी ओपीडी
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में ओपीडी का संचालन सामान्य दिनों की तरह किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही इमरजेंसी सेवाएं भी जारी रहेंगी। मरीजों को सलाह दी जाती है कि संबंधित विभाग में जाने से पहले अपॉइंटमेंट और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी की पुष्टि कर लें।
बलरामपुर अस्पताल में सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक ओपीडी
बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. बीकेएस चौहान ने बताया कि सोमवार और मंगलवार को ओपीडी सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होगी। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सुविधा को देखते हुए समय में बदलाव किया है।
ओपीडी के निर्धारित समय में आने वाले मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वहीं, आपात स्थिति में मरीजों को ओपीडी खुलने या दोबारा शुरू होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी, जहां गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार दिया जाएगा।
लोकबंधु अस्पताल में सभी मरीजों को इलाज देने की व्यवस्था
लोकबंधु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय के निदेशक डॉ. विवेक गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में हॉफ डे वर्किंग रहेगी, लेकिन किसी भी मरीज को बिना इलाज के वापस नहीं लौटने दिया जाएगा। मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए ड्यूटी रोस्टर जारी किया गया है।
उन्होंने बताया कि इमरजेंसी सेवाओं को लेकर भी अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मरीजों की जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि ओपीडी के समय में बदलाव से आपात उपचार प्रभावित न हो।
सिविल अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज जारी रहेगा
सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को नियमित रूप से इलाज मिलता रहेगा। दोनों दिन डॉक्टर ओपीडी में मौजूद रहेंगे और दोपहर 12 बजे तक पहुंचने वाले मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
निर्धारित समय के बाद आने वाले मरीजों को इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों के माध्यम से इलाज दिया जाएगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों की सुविधा और आपात चिकित्सा सेवाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
सरकारी अस्पतालों में दो दिनों तक ओपीडी की व्यवस्था में बदलाव को देखते हुए मरीजों को सलाह दी जाती है कि सामान्य परामर्श के लिए अस्पताल जाने से पहले संबंधित संस्थान से जानकारी प्राप्त कर लें। वहीं, गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में इलाज के लिए सीधे इमरजेंसी सेवा का उपयोग करें।
