लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बॉन्डेड डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन के नौवें दिन और भूख हड़ताल के पांचवें दिन प्रदर्शनकारी चिकित्सकों की बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।
डॉक्टरों का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिससे चिकित्सकों में नाराजगी है। अपनी मांगों को लेकर डॉक्टर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी चिकित्सकों का कहना है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित समाधान निकाला जाना चाहिए। उनका आरोप है कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके साथ ऐसी कार्रवाई की गई, जिससे आंदोलन और तेज हो सकता है।
डॉक्टर अपनी मांगों के समर्थन में डटे हुए हैं और समाधान होने तक विरोध जारी रखने की बात कह रहे हैं।
भूख हड़ताल से बिगड़ रही चिकित्सकों की सेहत
आंदोलन के लगातार लंबा खिंचने और भूख हड़ताल जारी रहने के बीच प्रदर्शनकारी डॉक्टरों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाए और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए।
डॉक्टरों ने अपनी समस्याओं के निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि उनकी मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
मांगों के समाधान पर अड़े डॉक्टर
बॉन्डेड डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन फिलहाल जारी है। प्रदर्शनकारी चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर उचित समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन और प्रदर्शनकारी चिकित्सकों के बीच बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान कब तक निकल पाता है। फिलहाल, आंदोलन के नौवें दिन भी डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन पर डटे हुए हैं?
