रिपोर्ट: अमित शुक्ला
ऐरवा कटरा। ऐरवा टीकुर में आयोजित 130वें आदर्श रामलीला महोत्सव में रावण वध की लीला का भव्य मंचन किया गया। भगवान श्रीराम और रावण के बीच हुए भीषण युद्ध के प्रसंग ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद करीब 40 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
रामलीला में भगवान श्रीराम की लंका विजय से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। मेघनाद के पराक्रम और भगवान श्रीराम की सेना के साथ हुए युद्ध के दृश्यों को कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय और संवादों के माध्यम से प्रस्तुत किया। इसके बाद राम-रावण युद्ध की लीला का मंचन हुआ, जिसमें भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया। कलाकारों के अभिनय पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया।
रावण वध की लीला के बाद रामलीला मैदान के पास बनाए गए लगभग 40 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। पुतले में आग लगते ही उपस्थित श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। रावण दहन को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्रीय लोग पहुंचे। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
130वें आदर्श रामलीला महोत्सव के तहत प्रतिदिन रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है। इसमें आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। रामलीला के माध्यम से लोगों को बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया जा रहा है।
आयोजन को सफल बनाने में रामलीला समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे रहे। इस अवसर पर समिति के प्रबंधक इंद्रप्रकाश तिवारी, अध्यक्ष एवं प्रधान सरमन सिंह, उपाध्यक्ष रानू पालीवाल, पूर्व प्रधान वीरेंद्र यादव, बादाम सिंह यादव, अरुण कुशवाह, मोहित कुशवाह, गौरव गुप्ता, पदम नारायण तिवारी, चंद्रशेखर गुप्ता, मनोज शर्मा, वीनू सक्सेना, कपिल गौतम, गंभीर यादव, ब्रिगेडियर तिवारी, विकास चक्रवर्ती, हिटलर सहित समिति के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
