उत्तर प्रदेश में पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण के लिए भर्ती, बजट, बुनियादी ढांचे और आधुनिक तकनीक पर निवेश किया जा रहा है।
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2017-18 में पुलिस विभाग का बजट 16,280.05 करोड़ रुपये था, जो 2026-27 में बढ़कर 43,891.36 करोड़ रुपये हो गया है। इस तरह विभाग के बजट में करीब 2.7 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
2.26 लाख से अधिक भर्तियां, 1.56 लाख पुलिसकर्मियों को पदोन्नति
वर्ष 2017 में योगी सरकार के गठन के बाद से पुलिस विभाग में विभिन्न पदों पर कुल 2,26,258 भर्तियां की गई हैं। वहीं, 35,971 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
इसी अवधि में अराजपत्रित स्तर के विभिन्न पदों पर 1,56,439 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई, जबकि 9,430 पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा, विभिन्न श्रेणियों में 32,497 पदों के सृजन को मंजूरी मिली है।
वाहनों की खरीद का बजट करीब पांच गुना बढ़ा
पुलिस विभाग के वाहनों की खरीद के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में 126.72 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह राशि बढ़कर 627.35 करोड़ रुपये हो गई है
इसी तरह मशीनों, उपकरणों और अन्य संसाधनों की खरीद का बजट 266.55 करोड़ रुपये से बढ़कर 734.55 करोड़ रुपये हो गया है। पुलिस आधुनिकीकरण योजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 112.29 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
थानों, चौकियों और विशेष इकाइयों का विस्तार
पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 134 जनपदीय थानों, सात महिला थानों और 95 पुलिस चौकियों की स्थापना की गई है। अयोध्या, मिर्जापुर, चंदौली और सिद्धार्थनगर में चार जल पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। महिला सुरक्षा और पारिवारिक परामर्श के लिए 75 जिलों में 78 महिला पुलिस चौकी परामर्श केंद्र स्थापित किए गए हैं।
विशेष अपराधों से निपटने के लिए 73 साइबर अपराध थाने, 40 मानव तस्करी रोधी इकाई थाने, चार आर्थिक अपराध इकाई थाने, छह आतंकवाद निरोधक बल के थाने और 10 सतर्कता अधिष्ठान थाने स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, प्रदेश के सभी 75 जिलों में बिजली चोरी से जुड़े मामलों के लिए एक-एक पुलिस थाने की स्वीकृति दी गई है।
विशेष सुरक्षा बल की छह वाहिनियां प्रयागराज, गोरखपुर, लखनऊ, मथुरा, सहारनपुर और अयोध्या में स्थापित करने की व्यवस्था की गई है। वहीं, लखनऊ, बदायूं और गोरखपुर में तीन पीएसी महिला वाहिनियों की स्थापना भी की गई है।
हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क का प्रावधान
बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए प्रदेश के प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही साइबर अपराधों की जांच और कार्रवाई के लिए अलग थानों की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना है।
भवन निर्माण के लिए 783 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति
वित्तीय वर्ष 2026-27 में पुलिस विभाग के भवन निर्माण से जुड़े 166 कार्यों के लिए 783.52 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इसके सापेक्ष कार्यदायी संस्थाओं को 709.91 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इन कार्यों में 120 नए निर्माण कार्य और 46 कार्यों की शेष किश्तें शामिल हैं।
इसी वित्तीय वर्ष में 821.62 करोड़ रुपये की लागत वाले 123 निर्माण कार्य पूरे कर संबंधित विभागों को सौंपे जा चुके हैं। इनमें पुलिस थाने, चौकियां, अग्निशमन केंद्र, विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं, थाना हवालात, पुलिस लाइन में आवासीय भवन और बैरक शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त 25 पुलिस थानों के प्रशासनिक एवं आवासीय भवनों, 16 अग्निशमन केंद्रों, नौ भ्रष्टाचार निवारण संगठन थानों और पांच साइबर थानों के भवनों सहित कई अन्य निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं के जरिए पुलिस के बुनियादी ढांचे और कार्यक्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
