Homeउत्तर प्रदेशगंगा एक्सप्रेसवे से ट्रांसपोर्ट और टूर-ट्रैवल कारोबार को मिली रफ्तार, समय-ईंधन की...

गंगा एक्सप्रेसवे से ट्रांसपोर्ट और टूर-ट्रैवल कारोबार को मिली रफ्तार, समय-ईंधन की बचत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से ट्रांसपोर्टरों और टूर-ट्रैवल कारोबारियों को राहत मिलने का दावा किया जा रहा है। मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। कारोबारियों के मुताबिक, यात्रा में लगने वाला समय घटने से ईंधन की बचत हो रही है और वाहनों की परिचालन लागत कम करने में मदद मिल रही है। वहीं, माल की समय पर डिलीवरी और यात्रियों के लिए सुविधाजनक सफर से कारोबार के नए अवसर भी बन रहे हैं।

करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई में किया था। छह लेन का यह एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। यह मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को जोड़ता है।

ट्रांसपोर्टरों को समय और ईंधन की बचत

मेरठ स्थित गुडलक ट्रांसपोर्ट के संचालक शिव कुमार यादव के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेसवे से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच माल ढुलाई आसान हुई है। ट्रकों को जाम से बचाकर अपेक्षाकृत निर्बाध मार्ग मिलने से समय की बचत हो रही है। इससे ईंधन खर्च और परिचालन लागत घटाने में मदद मिल रही है। समय पर माल पहुंचने से व्यापारियों का भरोसा भी बढ़ा है।

सहारनपुर स्थित उपकार ट्रांसपोर्ट के मालिक अमित शर्मा ने बताया कि पहले सहारनपुर से प्रयागराज तक माल पहुंचाने में 20 से 22 घंटे लगते थे, जबकि अब यह सफर करीब 11 से 12 घंटे में पूरा हो रहा है। उनके मुताबिक, टोल टैक्स चुकाने के बावजूद समय और ईंधन की बचत से कुल परिवहन खर्च में राहत मिल रही है।

ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक उत्पादों, कृषि उपज और अन्य सामान की ढुलाई के लिए नए अवसर बन रहे हैं। कम समय में माल पहुंचने से आपूर्ति व्यवस्था को भी लाभ मिल सकता है।

टूर-ट्रैवल कारोबारियों को भी फायदा

गंगा एक्सप्रेसवे का असर टैक्सी, कैब और टूर-ट्रैवल कारोबार पर भी दिखाई देने की बात कही जा रही है। मेरठ की ज्योति टूर एंड ट्रैवल कंपनी के संचालक मूलक सिंह के मुताबिक, प्रयागराज और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए सफर आसान हुआ है। कम समय में लंबी दूरी तय होने से धार्मिक यात्राओं, पारिवारिक टूर और समूह में यात्रा करने वालों को सुविधा मिल रही है।

सहारनपुर के ट्रैवल कारोबारी अमित गुप्ता ने बताया कि पहले सहारनपुर से प्रयागराज तक कार या मिनी बस से पहुंचने में करीब 16 से 17 घंटे लगते थे, जबकि अब यह समय घटकर लगभग 10 घंटे रह गया है। इसी तरह मेरठ से प्रयागराज की यात्रा पहले 10 से 12 घंटे में पूरी होती थी, जो अब करीब छह घंटे में पूरी होने का दावा किया जा रहा है।

कारोबारियों के मुताबिक, यात्रा का समय घटने से वाहन बुकिंग के अवसर बढ़े हैं। कम समय तक वाहन चलने से मेंटेनेंस खर्च में भी राहत मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक बचत मार्ग, वाहन, टोल शुल्क और यात्रा की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

12 जिलों में बढ़ेंगी कारोबारी संभावनाएं

गंगा एक्सप्रेसवे का महत्व केवल तेज आवागमन तक सीमित नहीं है। इसके आसपास के क्षेत्रों में गोदाम, माल प्रबंधन, कृषि उत्पादों के भंडारण और प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं हैं। बेहतर सड़क संपर्क से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक केंद्रों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कृषि एवं व्यावसायिक क्षेत्रों के बीच व्यापार को सुविधा मिल सकती है।

कृषि क्षेत्र में भी बेहतर कनेक्टिविटी उपयोगी साबित हो सकती है। फल, सब्जियों और जल्दी खराब होने वाले उत्पादों को कम समय में मंडियों तथा बड़े बाजारों तक पहुंचाने से आपूर्ति में लगने वाला समय घट सकता है। इससे किसानों, व्यापारियों और परिवहन क्षेत्र को लाभ मिलने की संभावना है।

2,635 हेक्टेयर में औद्योगिक कॉरिडोर की योजना

गंगा एक्सप्रेसवे के साथ करीब 2,635 हेक्टेयर क्षेत्र में एकीकृत विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इसका उद्देश्य सड़क कनेक्टिविटी को औद्योगिक निवेश, विनिर्माण इकाइयों, गोदामों और माल प्रबंधन सुविधाओं से जोड़ना है।

इन गतिविधियों के विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके साथ ही वाहन मरम्मत, होटल, भोजनालय और अन्य सहायक सेवाओं की मांग बढ़ने की संभावना है। परियोजना से जुड़े क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं इस बात पर निर्भर करेंगी कि औद्योगिक सुविधाओं का विकास कितनी तेजी से होता है और कितने उद्यम यहां अपनी इकाइयां स्थापित करते हैं।

पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को मिल सकता है बढ़ावा

प्रयागराज जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले शहर तक तेज पहुंच से पर्यटन कारोबार को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण यात्रियों के लिए धार्मिक स्थलों और अन्य पर्यटन गंतव्यों तक पहुंचना सुविधाजनक हो सकता है।

परियोजना की प्रमुख विशेषताओं में शाहजहांपुर में करीब 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन हवाई पट्टी भी शामिल है। कुल मिलाकर, गंगा एक्सप्रेसवे को सड़क संपर्क, माल ढुलाई, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इसका वास्तविक आर्थिक प्रभाव परिवहन लागत, निवेश, रोजगार और स्थानीय कारोबार में होने वाले बदलावों से आंका जा सकेगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular