लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव 2026 के बीच समाजवादी पार्टी ने कई जिलों में मतदान प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने शिकायतों की जांच कर निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित कराने की मांग की है।
सपा ने गाजियाबाद, गाजीपुर, प्रयागराज, झांसी, औरैया, मैनपुरी, सीतापुर और हरदोई समेत कई जिलों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया है। पार्टी का आरोप है कि कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को प्रभावित करने, डराने-धमकाने और पहचान पत्रों की जांच के नाम पर परेशान करने जैसी गतिविधियां की जा रही हैं।

गाजियाबाद के कैलाशवती इंटर कॉलेज में बूथ संख्या 234, 235, 236 और 237 के 200 मीटर के दायरे में भाजपा एजेंटों के बैठने की शिकायत की गई है। सपा का कहना है कि मामले की जानकारी देने के बावजूद संबंधित एडीएम ने कार्रवाई नहीं की। वहीं, गाजीपुर में बूथ संख्या 120 और 121 पर भाजपा कार्यकर्ताओं और कथित असामाजिक तत्वों पर मतदाताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाया गया है।
प्रयागराज के मऊआइमा क्षेत्र में भी सपा ने बूथों पर अनधिकृत लोगों की मौजूदगी का मुद्दा उठाया है। पार्टी ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख और भाजपा नेता सुधीर मौर्य पर बूथ संख्या 56, 57 और 58 के भीतर अनधिकृत लोगों के साथ मौजूद रहकर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया है।
सीतापुर के महोली विकास खंड में भाजपा विधायक और चेयरमैन धीरज सिंह चौहान पर चुनावी माहौल बिगाड़ने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा हरदोई में भाजपा कार्यकर्ताओं पर मतदाताओं के पहचान पत्र जांचने का आरोप भी लगाया गया है।
सपा प्रदेश अध्यक्ष ने निर्वाचन आयोग से सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि मतदान केंद्रों पर पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
ज्ञापन की प्रतियां मुख्य चुनाव आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग, रिटर्निंग ऑफिसर, पर्यवेक्षक और सहायक निर्वाचन अधिकारी को भी भेजी गई हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।
