लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में शुक्रवार को महत्वपूर्ण पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23 अक्टूबर को लखनऊ के लोकभवन में साधना श्रृंखला-2026 की तीसरी क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे। क्षमता विकास आयोग (CBC) की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला में मिशन कर्मयोगी के तहत सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को अधिक प्रभावी, दक्षता-आधारित और तकनीक-सक्षम बनाने की रणनीति पर चर्चा होगी।
कार्यशाला में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह भी शामिल होंगे। इसमें उत्तर क्षेत्र के आठ राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुख और विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। बैठक का उद्देश्य सिविल सेवकों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ प्रशिक्षण व्यवस्था को प्रशासन की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि करेंगे मंथन
कार्यशाला में उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड के प्रतिनिधियों के साथ चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अधिकारी भी शामिल होंगे। बैठक में सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों की मौजूदा क्षमताओं का आकलन कर उनके सुधार के लिए व्यावहारिक और समयबद्ध रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
इसके अलावा प्रशिक्षण संस्थानों के नेतृत्व और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाने और प्रशिक्षकों की क्षमता विकसित करने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनर्स तैयार करने की रणनीति भी चर्चा का हिस्सा रहेगी।
डिजिटल प्रशिक्षण और AI पर रहेगा फोकस
कार्यशाला में डिजिटल रूपांतरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को विशेष महत्व दिया जाएगा। इसका मकसद सरकारी अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराना और उनके निरंतर व्यावसायिक विकास के अवसर बढ़ाना है।
कार्यशाला में तैयार होने वाले सुधार संबंधी रोडमैप को यूनिफाइड न्यू-एज नेशनल ट्रेनिंग इनिशिएटिव्स (उन्नति) मंच से जोड़ने की योजना है। इस डिजिटल मंच के माध्यम से देशभर के 700 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को एकीकृत व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य है।
मिशन कर्मयोगी के तहत प्रस्तावित यह पहल सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली में सुधार, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
