अयोध्या में दसवें दीपोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। दीपोत्सव के दौरान इस बार रामपथ के साथ रामनगरी के 41 प्रमुख मठ-मंदिरों और धार्मिक स्थलों को आकर्षक रोशनी से सजाने की योजना है।
पारंपरिक झालरों के साथ आधुनिक लाइटिंग के जरिए धार्मिक स्थलों की सुंदरता निखारी जाएगी। इससे दीपोत्सव के दौरान अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रात में भव्य सजावट देखने को मिलेगी।
श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद ने इसके लिए 41 मठ-मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सूची तैयार की है। योजना के तहत प्रत्येक स्थल पर जरूरत के अनुसार झालरें और लाइटिंग लगाई जाएंगी।
सजावट का काम दीपोत्सव से पहले पूरा करने की तैयारी है, ताकि पर्व के दौरान रामनगरी के प्रमुख धार्मिक स्थल रोशनी से जगमगाते नजर आएं।
छोटी छावनी से दशरथ महल तक सजेंगे धार्मिक स्थल
तीर्थ विकास परिषद की सूची में अयोध्या के कई प्रमुख मठ, मंदिर और आश्रम शामिल हैं। इनमें छोटी छावनी मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, चारधाम मंदिर, दिगंबर अखाड़ा, बड़ा भक्त महल, दशरथ महल, सनकादिक आश्रम, जानकी घाट, कौशल्या सदन, अशर्फी भवन, रामवल्लभाकुंज, लक्ष्मण किला, सुग्रीव किला, श्रीधाम रामकोट, रंग महल और क्षीरेश्वर मंदिर प्रमुख हैं।
इसके अलावा तोत्रादिमठ, तिवारी मंदिर, रामनिदेशाचार्यजी मंदिर, सतगुरु आश्रम, झुनकीघाट मंदिर, नाका हनुमानगढ़ी मंदिर, उदासीन संगत आश्रम (रानोपाली), फटिक शिला, रामकचेहरी, रामवल्लभाचार्य मंदिर और गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड को भी सजाया जाएगा।
सूची में राजसदन, सहादतगंज हनुमानगढ़ी, दरिद्री आश्रम, श्री हनुमान मंदिर पक्का घाट, हनुमत सदन आचार्य राजकिशोर, कच्चा घाट बंधा तिराहा, कारसेवकपुरम परिसर, कारसेवकपुरम कार्यशाला, मंगल भवन, सुन्दरधाम, भजन सभ्य स्थल और महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ सहित अन्य धार्मिक स्थल भी शामिल हैं।
पारंपरिक झालरों और आधुनिक लाइटिंग से बढ़ेगी सुंदरता
दीपोत्सव के दौरान धार्मिक स्थलों की सजावट में पारंपरिक और आधुनिक रोशनी का संयोजन किया जाएगा। अलग-अलग स्थलों की जरूरत के मुताबिक झालरों की संख्या तय की जाएगी। रात के समय रोशनी से सजे मंदिरों और मठों की स्थापत्य कला और धार्मिक महत्ता को प्रमुखता से प्रदर्शित करने की योजना है।
अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में रामपथ के साथ प्रमुख धार्मिक स्थलों की सजावट से शहर के अलग-अलग हिस्सों में उत्सवी माहौल दिखाई देगा। इस बार मंदिरों और मठों को भी विशेष रूप से सजाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
दीपोत्सव से पहले पूरा होगा लाइटिंग का काम
श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार के अनुसार, दीपोत्सव के दौरान मठ-मंदिरों को पारंपरिक झालरों और आधुनिक लाइटिंग से सजाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं और सजावट का काम दीपोत्सव से पहले पूरा करने की योजना है।
41 मठ-मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर रोशनी की व्यवस्था से दीपोत्सव के दौरान अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक छटा देखने को मिलेगी। रामपथ से लेकर प्रमुख मंदिरों तक होने वाली सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।
