रिपोर्ट -अमित शर्मा
अभिषेक सिंह अपने चैंबर में मृत अवस्था में मिले। कार्यालय में अधिकारी का शव मिलने की खबर से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अभिषेक सिंह के मुंह से झाग निकल रहा था। उनके पास कुछ संदिग्ध गोलियां भी पड़ी मिली थीं। घटना के बाद उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
चार महीने पहले प्रयागराज से आगरा हुआ था तबादला
जानकारी के मुताबिक, अभिषेक सिंह करीब चार महीने पहले ही प्रयागराज से स्थानांतरित होकर आगरा DRM कार्यालय पहुंचे थे। यहां उन्हें असिस्टेंट ऑपरेशन मैनेजर की जिम्मेदारी दी गई थी। वह DRM कार्यालय स्थित अपने चैंबर में काम करते थे। इसी चैंबर में उनका मृत अवस्था में मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। कार्यालय परिसर में घटना की जानकारी फैलते ही कर्मचारियों के बीच चर्चा शुरू हो गई।
परिवार ने वरिष्ठ अधिकारी पर लगाए प्रताड़ना के आरोप
अभिषेक सिंह की मौत के बाद उनके परिवार ने रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि अभिषेक को कार्यस्थल पर परेशान किया जा रहा था। परिवार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारी का पक्ष भी सामने आना बाकी है।
संदिग्ध गोलियां मिलने से उठे सवाल
घटनास्थल पर अभिषेक सिंह के पास कुछ संदिग्ध गोलियां पड़ी मिलने की बात सामने आई है। उनके मुंह से झाग निकलने की जानकारी भी दी गई है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। गोलियों की प्रकृति और उनकी मौत के बीच कोई संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल किसी भी संभावना को जांच पूरी होने से पहले अंतिम निष्कर्ष मानना उचित नहीं होगा।
मौत की वजह जांच के बाद होगी स्पष्ट
घटना के बाद मौत के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। साथ ही घटनास्थल से मिले संदिग्ध पदार्थों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जानी जरूरी है। परिवार की ओर से लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों की भी निष्पक्षता से जांच किए जाने की मांग उठ रही है। फिलहाल इस घटना ने रेलवे कार्यालय में कर्मचारियों की कार्यस्थल परिस्थितियों और अधिकारी-कर्मचारी संबंधों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
