लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। शासन ने उनके पारिश्रमिक की नई दरें निर्धारित कर दी हैं। अब कर्मचारियों को श्रेणी के अनुसार 17,646 रुपये से लेकर 39 हजार रुपये तक मासिक पारिश्रमिक मिलेगा। ईपीएफ और ईएसआई की कटौती के बाद श्रेणी-4 के कर्मचारियों के खाते में 15,396 रुपये, श्रेणी-3 को 16,966 रुपये और श्रेणी-2 के कर्मचारियों को 19,148 रुपये मिलेंगे। वहीं श्रेणी-1 के कर्मचारियों का मासिक पारिश्रमिक 39 हजार रुपये तय किया गया है।
प्रमुख सचिव मनीष चौहान ने सोमवार को इस संबंध में शासनादेश जारी किया। नई दरें दो सितंबर 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। शासन ने 19 सितंबर 2025 को जारी शासनादेश के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक का श्रेणीवार निर्धारण किया है। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ के लिए 12 प्रतिशत और ईएसआई के लिए 0.75 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
नियोक्ता भी करेगा ईपीएफ और ईएसआई में अंशदान
नई व्यवस्था में कर्मचारियों के साथ नियोक्ता की ओर से भी अंशदान किया जाएगा। संबंधित सरकारी विभाग ईपीएफ में 12 प्रतिशत और ईएसआई में 3.25 प्रतिशत का अंशदान वहन करेंगे। यह राशि कर्मचारियों के खाते में भविष्य के लिए जमा होगी। इससे कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ मिल सकेंगे।
शासनादेश के मुताबिक जीएसटी, सर्विस चार्ज और उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का एक प्रतिशत सेंटेज चार्ज भी संबंधित सरकारी विभागों को ही देना होगा। इसके लिए विभागों को अपने बजट में जरूरी व्यवस्था करनी होगी।
जिन विभागों ने जेम पोर्टल के माध्यम से निर्धारित नई दरों से कम पारिश्रमिक पर आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति की है, उन्हें अतिरिक्त खर्च के लिए पुनर्विनियोग के जरिये बजट उपलब्ध कराया जाएगा। शासन के इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक भुगतान की व्यवस्था में बदलाव होगा।
