रिपोर्ट- न्यूज डेस्क, लखनऊ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में तैलिक साहू समाज ने राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा उठाते हुए सभी राजनीतिक दलों से सत्ता और संगठन में उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की है।
अयोध्या के साहू राम जानकी मंदिर, कटरा में मंगलवार को आयोजित राजनीतिक चिंतन बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे समाज के पदाधिकारियों, युवाओं और प्रबुद्धजनों ने समाज की राजनीतिक उपेक्षा पर चिंता जताई। बैठक में आगामी 2027 के चुनाव को लेकर एकजुट होकर रणनीति बनाने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक के मुख्य अतिथि महेश चंद्र साहू ने कहा कि तैलिक समाज उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके बावजूद संख्या बल के हिसाब से समाज को राजनीतिक दलों में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जबकि टिकट वितरण और संगठनात्मक पदों पर पर्याप्त अवसर नहीं दिए जाते।

उत्तर प्रदेश तैलिक साहू महासभा के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष दिलीप साहू ने कहा कि समाज किसी राजनीतिक दल का विरोधी नहीं है, बल्कि अपने अधिकार और सम्मान के लिए आवाज उठा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में तैलिक समाज की आबादी करीब पांच प्रतिशत है, लेकिन आजादी के 78 साल बाद भी सत्ता और संगठन में उसे उचित भागीदारी नहीं मिली है।
उन्होंने कहा कि जिला और क्षेत्रीय स्तर पर संगठनात्मक पदों के वितरण में भी समाज की अनदेखी होती है। अन्य समाजों के लोगों को बड़ी संख्या में पदाधिकारी बनाया जाता है, जबकि तैलिक साहू समाज के लोगों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलते। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से इस विसंगति को दूर कर समाज के लोगों को संगठन में जिम्मेदारी देने की मांग की।
बैठक में सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें विधानसभा और लोकसभा चुनाव में आबादी के अनुपात में टिकट देने, नगर, जिला और प्रदेश कार्यकारिणी में उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने तथा घानी तेल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी देने की मांग शामिल रही। इसके साथ ही प्रदेश सरकार में तैलिक कल्याण बोर्ड के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया।
बैठक में समाज के बिखराव को समाप्त कर तेली, साहू, राठौर और तैलिक समाज को एक मंच पर लाने तथा 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संयुक्त रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी।

इस दौरान ओम साहू, सुरेश गुप्ता, प्रमोद साहू, डॉ. चिंतामणि साहू, पुल्ली गुप्ता, राम जगत साहू, सुनील गुप्ता, राजाराम साहू, तिलकराम साहू, पदम साहू, पूरन साहू और राजीव गुप्ता सहित कई लोग मौजूद रहे।
