प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 सम्मेलन के आउटरीच सेशन में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को इटली के आपुलिया पहुंच गए.
उन्होंने ट्वीट कर बताया, ”जी-7 में हिस्सा लेने के लिए इटली पहुंच गया हूं. उम्मीद है कि दुनिया भर के नेताओं से सकारात्मक और नतीजे देने वाली बातचीत होगी. हम मिलकर हम दुनिया के सामने चुनौतियों का हल खोजने की कोशिश करेंगे और बेहतर भविष्य के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर देंगे.”
भारत जी-7 का सदस्य नहीं है लेकिन वो पांचवीं बार आमंत्रित सदस्य के तौर पर इसमें हिस्सा ले रहा है.
बैठक में हिस्सा लेने के लिए जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शोल्त्ज़, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो, इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, जापान के पीएम फुमियो किशिदा और ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक इटली पहुंच चुके हैं.
इनके अलावा यूरोपीय कमिशन की अध्यक्ष उर्सुला फ़ॉन देर लेयन और यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स माइकल भी वहां पहुंच गए हैं.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस भी इस बैठक में शिरकत करने वाले हैं. ये बैठक तीन दिन तक चलेगी.
जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में दो साल से भी अधिक वक्त से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.
