सोमवार को न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन के पास कंचनजंघा एक्सप्रेस से एक मालगाड़ी के टकराने के कारण 8 लोगों की जान चली गई और 25 लोग घायल हुए. कंचनजंघा एक्सप्रेस पर सवार कुछ लोगों ने इस घटना की आपबीती बतायी है.
बीएसएफ में इंस्पेक्टर राजकुमार अपनी बीमार माँ से मिलने के लिए छुट्टी लेकर घर जा रहे हैं. इस हादसे में राजकुमार को भी कई चोटें आई हैं.
राजकुमार ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए बताया , ”मैंने जनरल डिब्बे की टिकट ली थी और आरपीएफ के एक जवान से मदद मांगी. मुझे एक सीट मिल गई. न्यू जलपाईगुड़ी में हमारी ट्रेन आहिस्ते-आहिस्ते चल रही थी और 8:30 या 8:40 बजे ऐसा (दुर्घटना) हो गया. भगवान का आशीर्वाद रहा कि डिब्बे के अंदर का रास्ता ड्रेन जैसा बन गया और लोग उसमें गिरे. मेरे ऊपर भी 6-7 लोग गिरे उनको उठाया मेरे पैर में चोट लगी, मेरे पैर में लोहा घुस गया था और सिर पर चोट लगी है.
”मैंने अश्विनी वैष्णव से कहा कि आप थोड़ा सुधार करिए कि एक लाइन में दो गाड़ी कैसे जा सकता है, ये हो ही नहीं सकता.”
कंचनगंझा एक्स्प्रेस की बोगी संख्या एस7 में सवार एक लड़की ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, ”हमलोग सुबह सोए हुए थे अचानक से झटका लगा तो हड़बड़ाहट में उठ गए. हम लोगों को सिर में भी लगी.”
”मैं त्रिपुरा से हूं, यहां पढ़ती हूं और सर्टिफिकेट लेने आई हूं.पहली बार ऐसी घटना देखी है और मां-बाप टेंशन में हैं. मन में एक डर बैठ गया मैं सोई ही नहीं जब तक ये चल रही थी.”रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोनों ही दार्जिलिंग पहुँचे.
अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद रेलमंत्री ने कहा, ”मैंनें मरीजों, डॉक्टर, राहत-बचाव कर्मियों, रेलवे के स्टाफ़ और गांव वालों से मुलाकात की है. इस ऑपरेशन में गांववालों ने भी मदद की है. अभी हमारा फोकस राहत बचाव कार्य पर और कामकाज को पटरी पर लाने पर है.”
ममता बनर्जी ने कहा, ”हमने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए राहत बचाव की टीम, हमारे डॉक्टर और मेडिकल टीम भेजी. जानकारी मिलते ही मैं यहां आई हूं. कोई फ्लाइट नहीं थी. मैंने सभी पीड़ितों से बात की है.”
