उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के रास्ते पर दुकान मालिकों के नाम लिखने के आदेश से जुड़ी ख़बरों पर समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज़ किया है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बारिश के कारण जलभराव में फँसे एक बाइक सवार युवक की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा है, ”अगर इस व्यक्ति ने अपना नाम लिखा होता तो शायद कोई इसे बचाने आ जाता या फिर आकर भी नहीं आता… वैसे जलभराव देखकर भ्रमित न हों, ये वीडियो गोरखपुर का नहीं है. जलभराव केवल गोरखपुर की नहीं, पूरे प्रदेश की समस्या है.’’
उन्होंने आगे लिखा है,’’ कोई है? विशेष टिप्पणी: इस वीडियो को देखकर कुछ राजनीतिक विशेषज्ञ कह रहे हैं कि ये व्यक्ति भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं का प्रतीक है, जो ये नहीं समझ पा रहा है कि संगठन की तरफ़ हैंडल मोड़ें या फिर सरकार की तरफ़.’’
यूपी में मुजफ़्फ़रनगर पुलिस ने पहले कांवड़ यात्रा के रूट पर पड़ने वाले दुकान, रेस्तरां और ढाबा मालिकों को अपना नाम डिस्प्ले करने का आदेश दिया था.
हालांकि जिला पुलिस ने बाद में कहा था कि ये स्वैच्छिक है.
समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी समेत कई विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं.
बीजेपी की सहयोगी पार्टियों ने भी इसका विरोध किया है.
