असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की जासूसी झारखंड पुलिस की विशेष शाखा के दो उपनिरीक्षकों (एसआई) ने की थी.
यह सब तब हुआ जब वे हाल ही में दिल्ली आए थे. इस दौरान वे भाजपा में शामिल होने वाले थे.
सरमा ने कहा, “यह पता चला है कि वे झारखंड पुलिस की विशेष शाखा के उपनिरीक्षक हैं, जिन्हें कथित तौर पर सोरेन का पीछा करने और उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने का काम सौंपा गया था.”
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ दोनों अधिकारी झारखंड पुलिस की विशेष शाखा में तैनात हैं और उन्हें मंगलवार रात चाणक्यपुरी थाने की एक टीम ने हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की.
बुधवार को रांची लौटे चंपाई सोरेन ने कहा, “मैं लंबे संघर्ष के बाद राजनीति में आगे बढ़ा हूं. मुझे इसकी कोई चिंता नहीं है.”
इसके बाद शाम को चंपाई ने झारखंड मुक्ति मोर्चा से इस्तीफ़ा दे दिया. उन्होंने दावा किया कि झामुमो की वर्तमान कार्यशैली और नीतियों ने उन्हें उस पार्टी को छोड़ने के लिए मजबूर किया, जिसमें वे वर्षों से सेवा कर रहे थे.
उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “आज झारखंड मुक्ति मोर्चा की प्राथमिक सदस्यता एवं सभी पदों से त्याग-पत्र दिया. झारखंड के आदिवासियों, मूलवासियों, दलितों, पिछड़ों एवं आम लोगों के मुद्दों को लेकर हमारा संघर्ष जारी रहेगा.”
