टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राजनीतिक दलों के नेताओं को सलाह दी है. उन्होंने कहा कि जनता के प्रतिनिधियों को प्रदर्शनकारियों के बारे में ग़लत नहीं बोलना चाहिए.
अभिषेक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे भी हैं. अभिषेक ने ख़ास कर अपनी पार्टी के लोगों से आग्रह किया है कि वे मेडिकल कर्मियों और सिविल सोसाइटी के बारे में कुछ भी ग़लत टिप्पणी ना करें.”
उन्होंने पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल को टैग कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखा है.
अभिषेक बनर्जी ने लिखा, “सभी दलों के जनता के प्रतिनिधियों को अधिक विनम्र होने की ज़रूरत है. मैं टीएमसी में सभी से आग्रह करता हूं कि मेडिकल क्षेत्र और समाज से जुड़े लोगों के बारे में ग़लत ना बोलें. सभी को प्रदर्शन करने और अपनी बात कहने का अधिकार है.”
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “यही बात पश्चिम बंगाल को अन्य बीजेपी शासित राज्यों से अलग बनाती है. हमने राजनीति के बुलडोज़र मॉडल और उत्पीड़न की रणनीति के ख़िलाफ़ दिल से लड़ाई की है. ऐसी भयावह घटनाएं दोबारा ना हों, इसके लिए अब ज़रूरी कदम उठाने का वक़्त आ गया है.”
अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर लिखा, “बंगाल को इस लड़ाई में एकजुट होना चाहिए और तब तक नहीं रुकना चाहिए, जब तक राज्य और केंद्र सरकारें समयबद्ध तरीके से अपराधियों को सज़ा दिलाने वाले बलात्कार से जुड़े कानून नहीं बना देतीं.”
पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी. जिसके ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.
वहीं टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने एक टीवी चैनल पर चल रहे डिबेट में मेडिकल छात्रों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी.
इसकी मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी खूब आलोचना की. इस पर काकोली घोष ने रविवार को एक्स पर पोस्ट कर माफी मांगी है.
