विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया आधिकारिक तौर पर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. शुक्रवार को ही दोनों पहलवानों ने कांग्रेस की सदस्यता ली.
जहां विनेश फोगाट को कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में जुलाना से टिकट दिया है तो वहीं बजरंग को पार्टी में ऑल इंडिया किसान कांग्रेस का कार्यकारी चेयरमैन पद सौंपा गया है.
अब इस पर बीजेपी नेता और उत्तर प्रदेश के कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है.
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “18 जनवरी 2023 को जब जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन शुरू हुआ था, तो मैंने पहले ही दिन कहा था कि ये खिलाड़ियों का आंदोलन नहीं है इसके पीछे कांग्रेस है. ख़ासतौर पर भूपेंद्र हुड्डा, दीपेंद्र हुड्डा, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इसके पीछे हैं.”
पूर्व भाजपा सांसद ने कहा कि आज यह बात सच भी साबित हुई कि हमारे ख़िलाफ़ इस षड्यंत्र में दीपेंद्र हुड्डा और कांग्रेस शामिल थी.
उन्होंने कहा, “मैं हरियाणा की जनता को कहना चाहता हूं कि भूपेंद्र हुड्डा, दीपेंद्र हुड्डा, बजरंग या विनेश ये लड़कियों के सम्मान के लिए नहीं बैठे थे.”
उन्होंने दावा किया, “ये लोग इसका क्या जवाब देंगे कि जिस दिन की घटना का आरोप मेरे ऊपर लगाया जा रहा है उस दिन मैं दिल्ली में मौजूद ही नहीं था. राजनीति के लिए इन्होंने बेटियों का इस्तेमाल किया और बदनाम किया. ख़ासतौर पर महिला खिलाड़ियों के सम्मान को ठेस पहुंचाया.”
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि ये महिला खिलाड़ियों के सम्मान के लिए नहीं लड़ रहे थे. ये राजनीति के लिए लड़ रहे थे. इनकी पूरी स्क्रिप्ट कांग्रेस ने लिखी थी.
बृजभूषण शरण ने कहा, “18 जनवरी को जब जंतर मंतर पर प्रदर्शन हुआ था तो तमाम लोगों को लगा था कि शायद इसमें सच्चाई है. महिलाओं के साथ, बेटियों के साथ बदतमीज़ी हुई है, आज वे लोग अभी छले महसूस कर रहे हैं.”
उनसे पूछा गया कि प्रदर्शन की वजह से जिस तरह पहलवानों का नुकसान हुआ और ओलंपिक में भी कहीं न कहीं इसका नुकसान हुआ उसकी भरपाई कौन करेगा?
इस पर बृजभूषण ने कहा, “इन्होंने हरियाणा, खेल के कारण या खेल के क्षेत्र में भारत का मुकुट है. और जिस तरीके से इन्होंने लगभग पौने दो साल तक कुश्ती गतिविधि को ठप कर दिया, क्या ये सही नहीं है कि एशियन गेम्स में बजरंग पुनिया बिना ट्रायल के गए थे. क्या ये सत्य नहीं है.”
“कुश्ती के जानकारों से मेरा पूछना है कि विनेश फोगाट से पूछना चाहता हूं कि एक खिलाड़ी एक दिन में दो वज़न में ट्रायल दे सकता है, क्या वज़न के बाद पांच घंटे तक कुश्ती रुकवाई जा सकती है. क्या एक खिलाड़ी एक दिन में दो वेट कैटेगरी में ट्रायल दे. इसमें आपने हक़ नहीं मारा, क्या पांच घंटे तक कुश्ती नहीं रुकवाई, क्या रेलवे के रेफ़रियों का इस्तेमाल नहीं किया गया. आप कुश्ती जीत करके नहीं गई थीं, आप चीटिंग करके गई थीं. जूनियर खिलाड़ियों का हक़ मार कर गई थीं, भगवान ने वही सज़ा दी है आपको.”
बृजभूषण शरण सिंह महिला पहलावानों के यौन शोषण के मामले में अभियुक्त हैं.
उनके ख़िलाफ़ यौन शोषण के आरोपों को लेकर महिला पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया था.
