सोमवार को हुई जीएसटी काउंसिल की 54वीं बैठक में कैंसर दवाओं पर टैक्स कम करने से लेकर केंद्रीय और राज्य सरकार की यूनिवर्सिटी को दिए जाने वाले रिसर्च फ़ंड से टैक्स हटाने का फैसला लिया गया है.
हालांकि जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है और इसके लिए एक मंत्री समूह के गठन की सिफ़ारिश की गई है. वर्तमान में इन पर 18% जीएसटी है.
काउंसिल की चेयरपर्सन और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद मीडिया ब्रीफ़िंग में बताया कि ‘काउंसिल ने राज्य और केंद्र के सभी विश्वविद्यालय और रिसर्च सेंटर और जिन संस्थानों को आयकर से छूट मिली है, वे सरकारी और निजी दोनों से क्षेत्र से रिसर्च फंड प्राप्त कर सकते हैं.’वित्त मंत्री ने कहा, “इन संस्थानों को जीएसटी का भुगतान नहीं करना है, इन्हें जीएसटी से छूट दी गई है.”
बड़े फ़ैसले:
प्रेस इन्फ़ार्मेशन ब्यूरो के मुताबिक़ जीएसटी काउंसिल ने जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी से संबंधित मुद्दों पर विचार करने के लिए मंत्रियों के एक समूह (जीओएम) के गठन की सिफ़ारिश की है.
जीओएम में बिहार, यूपी, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, मेघालय, गोवा, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब और गुजरात सदस्य के रूप में शामिल हैं. इसे अक्तूबर 2024 के अंत तक रिपोर्ट पेश करनी है.
जीएसटी काउंसिल ने मुआवजा उपकर () को लेकर भविष्य में स्टडी करने के लिए एक जीओएम के गठन की भी सिफारिश की है.
जीएसटी काउंसिल ने कैंसर की दवाओं जैसे- ट्रैस्टुज़ुमैब डेरक्सटेकन, ओसिमर्टिनिब और ड्यूरवालुमैब पर जीएसटी दरों को 12% से घटाकर 5% करने की सिफारिश की है.
जीएसटी काउंसिल ने बी2सी ई-चालान के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की सिफारिश की है. यह फ़ैसला बी2बी सेक्टर में ई-चालान की सफ़लता के बाद लिया गया है.
नमकीन पर जीएसटी की दर को घटाकर 18% से 12% कर दिया गया है.
