रिपोर्ट: ममता भारद्वाज
आगरा के थाना पिढौरा क्षेत्र के गांव रामपुर चंद्र सैनी में श्मशान घाट की बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर सामने आई है। गांव के श्मशान घाट पर बारिश से बचने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा
बताया जा रहा है कि गांव में एक व्यक्ति की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे थे। इसी दौरान बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए ग्रामीणों को ट्रिपाल डालकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी।
बारिश के बीच अंतिम संस्कार करने के दौरान परिजनों और ग्रामीणों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। श्मशान घाट पर बारिश से बचाव के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरी में ट्रिपाल का सहारा लेना पड़ा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ फोटो-वीडियो
अंतिम संस्कार के दौरान ट्रिपाल डालकर बारिश से बचाव करते ग्रामीणों के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वायरल तस्वीरों और वीडियो ने गांव के श्मशान घाट की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट जैसी आवश्यक जगह पर भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव होना चिंता का विषय है। बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब बारिश के बीच किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार करना पड़ता है।

बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक श्मशान घाट पर बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त छत या शेड की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते बारिश होने पर अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों को खुले में खड़ा रहना पड़ता है। शव के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी मौसम के कारण प्रभावित होती है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से श्मशान घाट की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यहां बारिश से बचाव के लिए पक्का शेड, बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि किसी परिवार को अंतिम संस्कार के समय ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

फिलहाल बारिश के दौरान ट्रिपाल डालकर किए गए अंतिम संस्कार का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना आगरा के थाना पिढौरा क्षेत्र के गांव रामपुर चंद्र सैनी की है।
