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यूपी डायलॉग’ में जुटे 100 से ज्यादा युवा, उत्तर प्रदेश के एक दशक के बदलाव पर हुई चर्चा

लखनऊ के हजरतगंज स्थित एसेंस बैंक्वेट में फ्रेंड्स ऑफ यूपी की ओर से ‘यूपी डायलॉग’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की थीम ‘उत्तर प्रदेश का एक दशक’ रखी गई। इसमें ‘फ्रेंड्स ऑफ योगी’ के 100 से ज्यादा युवा वॉलंटियर्स ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों के साथ-साथ प्रदेश के आगामी विकास को लेकर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल, प्रोफेसर अमित कुशवाह और पॉलिटिकल एनालिस्ट शशांक शेखर सिंह मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए।

इस दौरान युवाओं ने वक्ताओं से प्रदेश की अर्थव्यवस्था, विकास और विभिन्न योजनाओं से जुड़े कई सवाल पूछे। युवाओं ने उत्तर प्रदेश के भविष्य को लेकर अपने सुझाव भी वक्ताओं के सामने रखे।

आर्थिक बदलाव और एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर चर्चा

प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति में पिछले वर्षों के दौरान आए बदलावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश की जीडीपी में लगातार दो अंकों की बढ़ोतरी हुई है। उत्तर प्रदेश से होने वाले निर्यात में भी वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने प्रदेश में लिंगानुपात बेहतर होने की बात भी कही।

प्रोफेसर अग्रवाल ने प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में केवल एक एक्सप्रेसवे था, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 10 हो गई है। उन्होंने दावा किया कि देश के करीब 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं।

2017 में ₹52 हजार थी प्रति व्यक्ति आय, अब ₹1.20 लाख

पॉलिटिकल एनालिस्ट शशांक शेखर सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 के मुकाबले उत्तर प्रदेश की आर्थिक और वित्तीय स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस की स्थिति में है।

शशांक शेखर सिंह के मुताबिक, वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय करीब 52 हजार रुपये थी, जो 2026 में बढ़कर करीब 1.20 लाख रुपये हो गई है।

जनजातीय समाज और युवाओं के लिए योजनाओं पर चर्चा

कार्यक्रम के दौरान जनजातीय समाज के लिए किए जा रहे कार्यों और युवाओं के लिए संचालित योजनाओं पर भी चर्चा हुई। शशांक शेखर सिंह ने बताया कि 65 गांवों में लोगों को जमीन का मालिकाना हक दिया गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक घर, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। वहीं, अभ्युदय योजना के जरिए युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में युवाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूक रहने और अपने सुझाव सामने रखने की अपील की।

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