Homeउत्तर प्रदेशआगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे सड़क दुर्घटना को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर उठाए...

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे सड़क दुर्घटना को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हुई भीषण सड़क दुर्घटना को लेकर बीजेपी सरकार की लापरवाही को ज़िम्मेदार ठहराया है.

एक निजी बस के एक दूध के टैंकर से टकराने के कारण हुए हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई जबकि 19 लोग घायल हुए हैं.

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव ने लिखा, “एक्सप्रेस-वे पर विशेष पार्किंग ज़ोन के होते हुए भी, कोई वाहन बीच रास्ते में क्यों खड़ा हुआ था. सीसीटीवी लगे होने के बावजूद खड़े वाहन की निगरानी में चूक कैसे हुई. क्या सीसीटीवी काम नहीं कर रहे थे.”

अखिलेश यादव ने सिलसिलेवार सवाल पूछे हैं और इसके जवाब मांगे हैं-

  • हाईवे पुलिस कहाँ थी, क्या नियमित पेट्रोलिंग नहीं हो रही थी?
  • ⁠इस हादसे के बाद हाईवे एम्बुलेंस सर्विस कितनी देर में पहुँची और हताहतों के संबंध में उसकी भूमिका क्या रही?
  • अगर गाड़ी ख़राब होने के कारण खड़ी थी, तो उसे टोइंग सहायता क्यों नहीं पहुँची?
  • ⁠एक्सप्रेस-वे पर प्रतिदिन करोड़ों रुपये लिए जाते हैं, वो पैसा एक्सप्रेस-वे के व्यवस्थापन और प्रबंधन में न लग कर, क्या कहीं और जा रहा है?

हादसे में मरने वालों के प्रति प्रधानमंत्री ने संवेदना व्यक्त की है और प्रधानमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवारों को दो-दो लाख रुपये आर्थिक सहायता की घोषणा की है.

हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख व्यक्त करते हुए ज़िला प्रशासन को मौक़े पर पहुंच कर राहतकार्य तेज़ी से करने के निर्देश दिए हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दुर्घटना में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और इंडिया पार्टियों के कार्यकर्ताओं से पीड़ितों की मदद करने की अपील की है.

बीबीसी के सहयोगी पत्रकार अंकित शुक्ला ने बताया कि हादसा तब हुआ जब एक स्लीपर बस आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर उन्नाव से गुज़र रही थी. यह बस दूध के टैंकर से टकरा गई.

पुलिस के मुताबिक़, हादसा टैंकर को ओवरटेक करने के दौरान हुआ. टैंकर से टक्कर के बाद बस एक्सप्रेस-वे पर पलट गई. जिसकी वजह से बस में सवार कई यात्रियों की मौके़ पर ही मौत हो गई.

उन्नाव ज़िले के बांगरमऊ के सीओ अरविंद चौरसिया ने कहा कि बिहार के शिवहर ज़िले से दिल्ली के चलने वाली निजी बस ‘नमस्ते बिहार’ में काफ़ी लोग सवार थे. 22 लोग सुरक्षित हैं उन्हें दूसरी बस से दिल्ली भेजा जा रहा है. ज़िला मजिस्ट्रेट ने मामले में आरटीओ को एफ़आईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है.

RELATED ARTICLES

Most Popular