अलीगंज अग्निकांड के दौरान जहां कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे, वहीं कुछ लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जिंदगी बचाने का साहस दिखाया। जलकल विभाग के तीन कर्मचारियों और सेना के एक लांस नायक ने राहत-बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाई।

जलकल कर्मी मोहित, राजेश और विनोद मंगलवार को सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या 101 के पास सड़क पर पाइपलाइन लीकेज ठीक करने का काम कर रहे थे। दोपहर करीब पौने दो बजे उन्हें लोगों की चीख-पुकार सुनाई दी। पीछे मुड़कर देखा तो बहुमंजिला इमारत में आग तेजी से फैल रही थी।
तीनों कर्मचारी तुरंत अपना काम छोड़कर इमारत की ओर दौड़े और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। उन्होंने जान जोखिम में डालकर पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें दो किशोर और तीन वयस्क शामिल थे।

मोहित ने बताया कि हादसे के दौरान आसपास मौजूद कई लोग केवल वीडियो बनाने और फोन करने में लगे रहे। समय रहते बचाव कार्य शुरू होता तो शायद और लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि सीढ़ियों से निकलना मुश्किल हो गया और कई लोग जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से कूदने को मजबूर हो गए।
वहीं, घटना के समय सड़क से गुजर रहे सेना के लांस नायक छविराम भी मदद के लिए आगे आए। उन्होंने पहले इमारत के अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन घना धुआं और आग की तेज लपटों के कारण प्रवेश नहीं कर सके। इसके बाद वह पास की इमारत की छत पर चढ़ गए और पुलिस व दमकल कर्मियों के साथ राहत-बचाव अभियान में जुट गए।
छविराम ने कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। उन्होंने दमकल कर्मियों के साथ मिलकर दीवार तोड़ने और लोगों तक पहुंचने के प्रयास भी किए। स्थानीय लोगों ने जलकल कर्मियों और लांस नायक की बहादुरी की सराहना की है।
अलीगंज अग्निकांड में इन लोगों की सूझबूझ और साहस ने कई परिवारों को अपनों से बिछड़ने से बचा लिया।
