रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। अब दिव्यांग बच्चे किताबों और कक्षा की पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि बाहर की दुनिया को देखकर और समझकर भी सीखेंगे। समग्र शिक्षा के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में अगस्त से अक्टूबर के बीच तीन-तीन एक्सपोजर विजिट आयोजित की जाएंगी। इस तरह कुल 225 भ्रमण कराए जाएंगे।
हर एक्सपोजर विजिट में 50 दिव्यांग बच्चों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक जिले को 1.50 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। एक भ्रमण पर अधिकतम 50 हजार रुपये खर्च किए जा सकेंगे।
समग्र शिक्षा राज्य परियोजना निदेशालय ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। बच्चों का चयन इस तरह किया जाएगा कि विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं वाले विद्यार्थियों को भी भ्रमण का अवसर मिल सके।
भ्रमण में किसी बच्चे को शामिल करने से पहले उसके माता-पिता या अभिभावक की लिखित सहमति लेना जरूरी होगा। बच्चों को जिले या आसपास के जिले में ऐसे स्थानों पर ले जाया जाएगा, जो सुरक्षित और सुगम्य होने के साथ-साथ उनके ज्ञान को बढ़ाने वाले हों। ऐतिहासिक स्थलों को भी भ्रमण के लिए चुना जा सकेगा।
बच्चों को छोटे-छोटे समूहों में बांटकर भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान उनकी सुरक्षा और सहयोग की जिम्मेदारी स्पेशल एजुकेटर्स की होगी।
3 दिसंबर को होंगे विशेष कार्यक्रम
अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस के अवसर पर तीन दिसंबर को सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक जिले को एक लाख रुपये की दर से कुल 75 लाख रुपये जारी किए जा रहे हैं।
वहीं, ब्लॉक और तहसील स्तर पर आयोजित खेलकूद प्रतियोगिताओं में चयनित बच्चों के लिए जनपद स्तरीय प्रतियोगिता कराने की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।
