रिपोर्ट: अंकित पांडेय
हमीरपुर। आजादी के 79 साल से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन हमीरपुर जिले के एक दर्जन से अधिक गांवों और मजरों के लोगों के लिए सड़क आज भी सपना बनी हुई है। जिला मुख्यालय से महज करीब 4 किलोमीटर दूर चंदूपुर मार्ग की बदहाल स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को अनोखा प्रदर्शन किया।
गांव के बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा हाथों में तिरंगा लेकर करीब 5 किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द पक्की सड़क बनवाने की मांग की।
बरसात में कीचड़ से होकर स्कूल जाते हैं बच्चे
ग्रामीणों का कहना है कि चंदूपुर मार्ग से जुड़े करीब एक दर्जन गांव और मजरे आज भी कच्चे और कीचड़ भरे रास्तों पर निर्भर हैं। बरसात के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। स्कूली बच्चों को कीचड़ भरे रास्तों से होकर स्कूल जाना पड़ता है।
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क खराब होने के कारण बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में भी परेशानी होती है। कई बार एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। उनका दावा है कि आजादी के बाद से अब तक इस मार्ग पर पक्की सड़क का निर्माण नहीं हुआ है।
तिरंगा लेकर निकला पैदल मार्च
सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को गांव से तिरंगा लेकर पैदल मार्च शुरू किया। करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय कर बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सिर्फ एक गांव की समस्या नहीं है, बल्कि इससे जुड़े कई गांवों की हजारों की आबादी रोजाना प्रभावित हो रही है।
कई बार ज्ञापन, फिर भी नहीं बनी सड़क
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर पहले भी कई बार जिलाधिकारी और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिया जा चुका है। हर बार जल्द सड़क बनवाने का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
एक बुजुर्ग ग्रामीण ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में आजादी के बाद का पूरा दौर देखा, लेकिन गांव में पक्की सड़क नहीं देखी। उनका कहना है कि बच्चों को आज भी धूल और कीचड़ भरे रास्तों से होकर स्कूल जाना पड़ता है।
अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का भरोसा
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों को अपनी समस्या बताई और ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया गया है।
अब ग्रामीणों को इंतजार है कि वर्षों से चली आ रही सड़क की समस्या कब खत्म होगी। सवाल यह भी है कि जिला मुख्यालय से महज कुछ किलोमीटर दूर बसे इन गांवों तक विकास की पक्की सड़क आखिर कब पहुंचेगी।
