अलीगढ़। थाना गंगीरी क्षेत्र के बिलोना गांव में सर्पदंश की दर्दनाक घटना से मातम पसर गया। धान के खेत में सिंचाई करने गए मां और बेटे को जहरीले सांप ने डस लिया। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय करीब पांच घंटे तक झाड़-फूंक कराते रहे। हालत बिगड़ने पर दोनों को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उपचार के दौरान दोनों को मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, बिलोना गांव निवासी रमेश चंद्र की पत्नी सोमवती देवी (60) और उनके बेटे छोटेलाल (25) धान के खेत में सिंचाई करने गए थे। इसी दौरान दोनों को सांप ने डस लिया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक शुरू करा दी। करीब पांच घंटे तक इलाज में देरी होती रही और इस दौरान दोनों की हालत लगातार बिगड़ती गई।
जब झाड़-फूंक से कोई फायदा नहीं हुआ तो परिजन दोनों को गंभीर हालत में एएमयू के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया, लेकिन दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना की सूचना मिलने पर गंगीरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला सर्पदंश का प्रतीत हो रहा है। मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी।
नामकरण संस्कार के अगले दिन छाया मातम
इस हादसे ने परिवार की खुशियां एक झटके में मातम में बदल दीं। मृतक छोटेलाल के पिता रमेश चंद्र ने बताया कि रविवार को ही उनके आठ दिन के पोते वर्धन का नामकरण संस्कार हुआ था। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन अगले ही दिन मां-बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
सोमवती देवी अपने पीछे पति, एक बेटे, पुत्रवधू, नाती और नातिन समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। गांव में एक साथ दो मौतों से शोक की लहर है।
