दिल्ली में जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के समर्थन में समाजसेवी अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित वाडिया पार्क में दो घंटे का मौन प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों की समस्याओं का जिक्र करते हुए अन्ना हजारे भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
अन्ना हजारे ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद हमेशा टकराव से बेहतर होता है। छात्रों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।
इससे पहले बुधवार को अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली में विद्यार्थियों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई पर दुख जताया था। उन्होंने पत्र में कहा था कि किसी मंत्री का इस्तीफा लेने से सरकार कमजोर नहीं होती, बल्कि इससे अन्य मंत्रियों को जवाबदेही का मजबूत संदेश मिलता है और शासन व्यवस्था में सुधार आता है।
