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पुरानी पेंशन और टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ अटेवा का अभियान, सितंबर में लखनऊ में होगी बड़ी रैली

उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, निजीकरण पर रोक और टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने व्यापक आंदोलन की घोषणा की है। संगठन ने जून से सितंबर तक जनजागरण कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाने का फैसला किया है।

बैठक को संबोधित करते हुए अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता के कारण प्रदेश के लाखों शिक्षकों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त होने से शिक्षक और कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। इन मुद्दों को लेकर संगठन 11 जून को काकोरी से जनजागरण यात्रा की शुरुआत करेगा। सुबह 11 बजे शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद यात्रा विभिन्न ब्लॉकों और जिलों से होकर गुजरेगी।

प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने बताया कि 10 जुलाई से 15 अगस्त तक प्रदेशभर में जनजागरण गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 29 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी, जबकि 25 सितंबर को लखनऊ में विशाल रैली आयोजित कर सरकार से पुरानी पेंशन बहाली और टीईटी अनिवार्यता पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की जाएगी।

बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आशाराम और चन्द्रहास सिंह ने कहा कि शिक्षकों को शिक्षण कार्य के अलावा एसआईआर, जनगणना और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ रही हैं। इसके बावजूद बुजुर्ग शिक्षकों से टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने की अपेक्षा करना न्यायसंगत नहीं है।

बैठक में प्रदेश सलाहकार ओम प्रकाश कनौजिया, जनार्दन शुक्ला, रजत प्रकाश, सूफियान अहमद, कुलदीप सैनी, धर्मेंद्र गोयल, सुमन कुरील और डॉ. राजेश कुमार समेत कई पदाधिकारियों ने कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील की। इस अवसर पर रंजना सिंह, ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, विजय प्रताप बुढ़नपुरी, नरेन्द्र कुमार, अशोक कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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