रिपोर्ट: अमित शुक्ला
औरैया। एरवाकटरा क्षेत्र के नगला पहाड़ी गांव में जलनिकासी की समस्या से धान की फसल बर्बाद होने से परेशान किसान का 22 वर्षीय बेटा बुधवार दोपहर हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया। युवक ने फसल के नुकसान का मुआवजा दिलाने और अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर युवक नीचे उतर आया।
जानकारी के मुताबिक, गांव में नाला बंद होने के कारण बारिश का पानी खेतों से नहीं निकल पा रहा है। इससे गांव में करीब 150 बीघा धान की फसल पानी में डूबकर खराब हो गई। किसान इंद्रपाल चौहान के बेटे सुमित की भी नौ बीघा धान की फसल जलभराव की चपेट में आकर बर्बाद हो गई। फसल के नुकसान से परेशान सुमित बुधवार दोपहर गांव के बाहर स्थित हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया।
युवक के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष गंगादास गौतम ने युवक को समझाकर नीचे उतारने का प्रयास किया। बाद में तहसीलदार महेंद्र सिंह और सिंचाई विभाग के एसडीओ मनीष कुमार भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने युवक को फसल के नुकसान का मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और जलनिकासी की समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद सुमित टावर से नीचे उतर आया।

नाले की खुदाई के लिए डीएम को भेजी जाएगी रिपोर्ट
तहसीलदार महेंद्र सिंह ने बताया कि नाले की खुदाई के लिए सिंचाई विभाग की ओर से जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद विभाग नाले की खुदाई कराकर जलनिकासी की समस्या दूर करने का प्रयास करेगा।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि नाले की खुदाई होने से खेतों में जलभराव की समस्या दूर होगी और भविष्य में फसल को नुकसान से बचाया जा सकेगा। वहीं, किसान परिवार को अब फसल के नुकसान के मुआवजे का इंतजार है।
