रिपोर्ट: अचल प्रताप सिंह
बरेली। एडीएम प्रशासन के स्टेनो से पांच हजार रुपये की रंगदारी मांगने और रकम नहीं देने पर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर बदनाम करने की धमकी देने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद बारादरी पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्टेनो ने पांच लोगों पर लगाए आरोप
एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह के स्टेनो संजीव कश्यप ने बारादरी पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह ऑफिसर्स कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। उनके मुताबिक, 22 सितंबर को अमल सैनी, अवधेश कुमार, मनोज गौतम, पवन तिवारी और संतोष शाक्य उनके पास पहुंचे।
संजीव कश्यप का आरोप है कि पांचों लोगों ने उनसे पांच हजार रुपये की मांग की। उन्होंने जब रकम देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और उन्हें बदनाम करने की धमकी दी।
आरोप है कि इसके बाद रकम की मांग बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दी गई। रकम नहीं देने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
संस्था से जुड़ा बताकर दबाव बनाने का आरोप
तहरीर में संजीव कश्यप ने आरोप लगाया है कि पांचों लोग खुद को एक संस्था से जुड़ा बताते हुए लोगों पर दबाव बनाते हैं। उनके मुताबिक, पहले पांच हजार रुपये की मांग की गई और इनकार करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। इसके बाद कथित तौर पर 15 हजार रुपये की मांग की गई।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में साक्ष्य जुटा रही है।
अमल सैनी पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस के अनुसार, बारादरी थाना क्षेत्र के सैलानी निवासी अमल सैनी पहले भी एक मामले में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ एक महिला से रुपये मांगने के आरोप में बारादरी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
पुलिस के मुताबिक, उस मामले में महिला के पति को कथित तौर पर जेल भिजवाने की धमकी देकर रकम मांगने का आरोप लगा था। इस मामले में अमल सैनी और उसके एक साथी को जेल भेजा गया था।
पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
बारादरी पुलिस ने संजीव कश्यप की तहरीर के आधार पर अमल सैनी, अवधेश कुमार, मनोज गौतम, पवन तिवारी और संतोष शाक्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
