रिपोर्ट – अचल प्रताप सिंह
शहर की चर्चित आवासीय परियोजना कृष्णा सिटी एक बार फिर विवादों में है। BDA से स्वीकृत कॉलोनी और वैध निर्माण का भरोसा देकर मकान बेचने तथा बाद में उन्हीं मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई होने के मामले में कैंट थाना पुलिस ने धनराज बिल्डर्स के बेटे समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देश पर की गई है।
लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार स्थित सुंदर विहार कॉलोनी निवासी अनिल कुमार ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2016 में उनकी पत्नी अनीता कठारिया ने धनराज बिल्डर्स की परियोजना में 60 वर्ग गज का मकान बुक कराया था।
उस समय परियोजना का नाम लक्की होम था, जिसे बाद में बदलकर कृष्णा सिटी कर दिया गया। शिकायत के अनुसार बिल्डर की ओर से कॉलोनी को BDA से स्वीकृत बताते हुए सभी आवश्यक दस्तावेज दिखाए गए और आश्वस्त किया गया कि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी समस्या नहीं होगी।
पूरी रकम लेने के बाद बैनामे में प्लॉट दर्ज करने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि तय शर्तों के अनुसार किस्तों में पूरी राशि वसूल ली गई। वर्ष 2022 में बैनामा कराया गया, लेकिन उसमें तैयार मकान की जगह केवल प्लॉट का उल्लेख किया गया। पीड़ित का कहना है कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई और दस्तावेजों में भ्रामक तरीके से बदलाव कर दिया गया।
कब्जा मिला, फिर BDA की कार्रवाई में ढहा मकान शिकायत के मुताबिक वर्ष 2023 में मकान का कब्जा भी दे दिया गया, लेकिन बाद में पता चला कि निर्माण का नक्शा BDA से स्वीकृत नहीं था। इसके बाद BDA ने कार्रवाई करते हुए मकान को ध्वस्त कर दिया। पीड़ित का कहना है कि जिस घर के लिए वर्षों तक किस्तें चुकाईं, वह कुछ ही समय में मलबे में तब्दील हो गया।
BDA कर्मचारियों से मिलीभगत का भी आरोप शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बिल्डर की BDA के कुछ कर्मचारियों से सांठगांठ थी। उनका दावा है कि जिन खरीदारों से पूरी रकम वसूली जा चुकी थी, उन्हीं के मकानों पर कार्रवाई की गई, जबकि अन्य निर्माणों को छोड़ दिया गया। बिना पूर्व सूचना मकान गिराए जाने का आरोप भी शिकायत में शामिल है।
तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर, जांच शुरूएसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर कैंट थाना पुलिस ने शशांक शर्मा, रवि सैनी और सोनिया (क्लर्क) के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है और आरोपों के संबंध में संबंधित पक्षों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
