Homeउत्तर प्रदेशमौत के बाद तीन को नई जिंदगी दे गए मनोज

मौत के बाद तीन को नई जिंदगी दे गए मनोज

न्यूज डेस्क, लखनऊ

लखनऊ। ब्रेन डेड के बाद बाराबंकी निवासी मनोज कुमार के परिजनों के अंगदान के फैसले ने तीन जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी की उम्मीद दी है। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में विभिन्न विभागों की टीमों के समन्वय से मनोज के अंगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। संस्थान में किसी ब्रेन डेड मरीज का यह पहला अंगदान बताया गया है।

मनोज कुमार को 25 अगस्त को संस्थान में भर्ती कराया गया था। लगातार इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। निर्धारित चिकित्सा प्रक्रिया के तहत डॉक्टरों की टीम ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया। इसके बाद ग्रीफ काउंसलर और ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर ने परिजनों को अंगदान के महत्व और प्रक्रिया की जानकारी दी। दुख की इस कठिन घड़ी में परिवार ने अंगदान का साहसिक फैसला लिया।

एसजीपीजीआई भेजा गया लिवर और एक किडनी

अंगदान के बाद मनोज का लिवर और एक किडनी एसजीपीजीआई भेजी गई, जबकि दूसरी किडनी का प्रत्यारोपण लोहिया संस्थान में ही किया गया। यह किडनी अयोध्या निवासी 44 वर्षीय महिला को प्रत्यारोपित की गई।

यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, निश्चेतना समेत अन्य विभागों की टीमों ने समयबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया।निदेशक प्रो. डॉ. सीएम सिंह और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में अंगदान और प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी हुई।

परिजनों संतोष मिश्रा और लक्ष्मण तिवारी ने कहा कि जाते-जाते भी मनोज कई लोगों के जीवन में उम्मीद दे गए। उन्होंने कहा कि अंगदान से मनोज की आत्मा को शांति मिलेगी और उनका यह फैसला समाज के लिए भी प्रेरणादायक बनेगा।

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