उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार देर शाम निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे और दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।
गुरुवार सुबह उनका पार्थिव शरीर लखनऊ स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव खनवर (बलिया) ले जाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उमाशंकर सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें पार्टी का समर्पित और कर्मठ नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर पार्टी के प्रति निष्ठा बनाए रखी। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी शोक व्यक्त करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।
उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र के खनवर गांव में हुआ था। उनके पिता घुराहु सिंह भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त थे। वे पहली बार वर्ष 2012 में रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे और इसके बाद लगातार तीन बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में वे बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक बने थे।
उनके निधन से बलिया समेत पूरे पूर्वांचल में शोक का माहौल है। समर्थकों और स्थानीय लोगों के बीच उनकी पहचान एक जनप्रिय और जमीनी नेता के रूप में रही।
