लखनऊ के बुद्धेश्वर क्षेत्र में बढ़ती ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने रक्षा मंत्री एवं लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह से मुलाकात की। बुद्धेश्वर विकास महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की।
महासभा के संरक्षक अजय त्रिपाठी ‘मुन्ना’ के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को बताया कि बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन बुद्धेश्वर चौराहे और आसपास के इलाकों में सड़क किनारे स्थायी अतिक्रमण, अव्यवस्थित यातायात और वाहनों के बढ़ते दबाव के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जाम की समस्या से स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, छात्रों, कर्मचारियों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ता है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित होता है।
ज्ञापन में आलमनगर रेलवे ओवरब्रिज से उतरने के बाद पारा, राजाजीपुरम और आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने वाले मार्गों पर दोनों ओर फैले स्थायी अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। महासभा का कहना है कि सड़क की चौड़ाई कम होने और अतिक्रमण बढ़ने के कारण यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है।
बुद्धेश्वर स्टेशन और वार्ड नामकरण की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने आलमनगर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर “बुद्धेश्वर स्टेशन” तथा हैदरगंज वार्ड का नाम “बुद्धेश्वर वार्ड” किए जाने की भी मांग उठाई। महासभा के पदाधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा विषय है।
सांसद ने दिया सकारात्मक आश्वासन
महासभा के अध्यक्ष राजेश शुक्ला ने बताया कि सांसद राजनाथ सिंह ने सभी मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र की लंबे समय से लंबित समस्याओं का जल्द समाधान होगा।
इस दौरान मुख्य संरक्षक रामशंकर राजपूत, संरक्षक अजय त्रिपाठी ‘मुन्ना’, ऋषि चौरसिया, महामंत्री शिव प्रसाद पांडेय, घनश्याम पांडेय, किसान यूनियन नेता अमर सिंह लोधी सहित महासभा के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने रक्षामंत्री को भगवान शिव की तस्वीर भेंट कर उनका स्वागत भी किया।
