Homeलाइफ़स्टाइलकुछ सीफूड्स के खाने के बाद शरीर में होते हैं केमिकल्स रिएक्शन

कुछ सीफूड्स के खाने के बाद शरीर में होते हैं केमिकल्स रिएक्शन

एक स्टडी के मुताबिक आजकल के समुद्र दिन पर दिन गंदे होते जा रहे हैं. समुद्र में औद्योगिक रसायनों का भरमार हो गया है. ऐसी स्थिति में हद से ज्यादा सीफूड्स खाना सेहत के लिए काफी ज्यादा खतरनाक हो सकता है. प्रति- और पॉली-फ्लोरोएल्किल पदार्थ (पीएफएएस) कहा जाता है. यह ऐसे केमिकल होते हैं जो एक बार शरीर में घुस जाए तो वह धीरे-धीरे केमिकल रिएक्शन करके शरीर में कई गंभीर बीमारी का जोखिम बढ़ा देती है.

यूके में डार्टमाउथ कॉलेज के गीज़ेल स्कूल ऑफ मेडिसिन रिसर्चर का कहना है कि भले ही आप लॉबस्टर, झींगा, टूना, और अन्य समुद्री फूड खाकर शरीर में ओमेगा-3 का लेवल बढ़ा रहे हैं लेकिन यह काफी ज्यादा नुकसान भी पहुंचाती है. यूके में डार्टमाउथ कॉलेज के विशेषज्ञों के मुताबिक यह पता लगाना बेहद जरूरी है कि कितने सीफूड्स हैं जिसका इस्तेमाल कर सकते हैं. सीफूड्स दुबला प्रोटीन और ओमेगा फैटी एसिड का एक बड़ा सोर्स है. लेकिन यह मनुष्यों में पीएफएएस जोखिम का संभावित रूप से कम अनुमानित स्रोत भी है.

ब्लूफिन ट्यूना

ब्लूफिन ट्यूना ऐसा सीफूड है जिसे अपने खाने में बिल्कुल भी शामिल नहीं करना चाहिए. यह मछली बहुत गर्म खून वाली होती है. जिसे खाने के बाद आपको शारीरिक नुकसान हो सकता है. यह शरीर के टेंपेरेचर को तुरंत बढ़ा देती है.

टूथफिश 

टूथफिश खाने से भी शरीर में कई तरह की समस्याएं हो सकती है. क्योंकि इसके कारण खून में इसका लेवल बढ़ता है. एक महीने में इसे सिर्फ 2 बार ही खाना चाहिए. क्योंकि ज्यादा खाना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है.

सैल्मन

सैल्मन मछली को अटलांटिक सैल्मन भी कहा जाता है. इसे खाने से कई बीमारियों का शिकार हो सकते हैं. इसे खाने से कई सारी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है,

ऑरेंज रौफी

यह एक ऐसी मछली होती है जो काफी लंबा होता है. 100 साल से ज्यादा उम्र तक जिंदा रहती है. यह एक लड़ाकू मछली होती है. इसे खाने से खून गर्म होता है.

RELATED ARTICLES

Most Popular